नई दिल्ली। भारती सेल्युलर लिमिटेड के मुख्य प्रबंध निदेशक [सीएमडी)] सुनील भारती मित्तल और एस्सार ग्रुप के प्रमोटर रवि रुइया की याचिकाओं की सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के एक जज ने किनारा कर लिया। तीन जजों की पीठ से एक जज के हटने के बाद मित्तल और रुइया की याचिकाओं पर सोमवार होने वाली सुनवाई 18 अप्रैल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी। दोनों ने अतिरिक्त 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में विशेष सीबीआइ अदालत द्वारा जारी किए गए समन को चुनौती दी है।

मित्तल और रुइया की याचिकाओं पर मुख्य न्यायाधीश अल्तमस कबीर की अध्यक्षता में न्यायाधीश एआर दवे और न्यायाधीश विक्रमजीत सेन की तीन सदस्यीय पीठ सुनवाई कर रही थी। लेकिन, जस्टिस विक्रमजीत सेन ने इस सुनवाई से बिना कोई कारण बताए खुद को अलग कर लिया। सीबीआइ के वकील केके वेणुगोपाल ने कोर्ट से कहा कि न्यायाधीश जीएस सिंघवी की अध्यक्षता वाली पीठ भी इस मामले की सुनवाई कर सकती है जो 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच की निगरानी कर रही है। लेकिन, मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अब इस मामले की सुनवाई वह न्यायाधीश एआर दवे के साथ मिलकर करेंगे। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने मित्तल और रुइया को मंगलवार को सीबीआइ की विशेष अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।