सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

UPI Payments Rule: ₹2000 तक के पेमेंट पर बैंक नहीं वसूलेंगे कोई पैसा, सरकार का बड़ा एलान

Published: Mon, 14 Sep 2026 11:01 PM (IST)

केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि बैंक 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांज़ैक्शन या RuPay-पावर्ड डेबिट कार्ड से किए ...और पढ़ें

2000 रुपये तक के UPI और RuPay भुगतान पर अब कोई बैंक शुल्क नहीं

2000 रुपये तक के UPI और RuPay भुगतान पर अब कोई बैंक शुल्क नहीं

HighLights

  1. 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांज़ैक्शन पर बैंक शुल्क नहीं लेंगे।

  2. RuPay-पावर्ड डेबिट कार्ड भुगतान पर बैंक कोई चार्ज नहीं वसूलेंगे।

  3. वित्त मंत्रालय ने पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट के तहत यह बदलाव किया।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि बैंक 2,000 रुपये तक के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांज़क्शन या RuPay-पावर्ड डेबिट कार्ड से किए गए पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगा सकते हैं।

सरकार के एक गैज़ेट नोटिफिकेशन में RuPay-पावर्ड डेबिट कार्ड और 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांज़ैक्शन को पेमेंट के इलेक्ट्रॉनिक तरीके बताया गया है। इसमें यह भी कहा गया है कि कोई भी बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर इन तरीकों से पेमेंट करने या लेने वाले व्यक्ति पर कोई सीधा या अप्रत्यक्ष चार्ज नहीं लगा सकता है।

वित्त मंत्रालय ने UPI ट्रांज़ैक्शन पर चार्ज से जुड़े नियमों को स्पष्ट करने के लिए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट के तहत इन बदलावों की जानकारी दी। नोटिफिकेशन में खास तौर पर RuPay-पावर्ड डेबिट कार्ड और 2,000 रुपये तक के UPI ट्रांज़ैक्शन को "पेमेंट के इलेक्ट्रॉनिक तरीके" के तौर पर वर्गीकृत किया गया।

वित्त मंत्रालय ने एक आधिकारिक नोटिफिकेशन में कहा कि, पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 (2007 का 51) की धारा 10 A के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए, केंद्र सरकार पेमेंट के इन इलेक्ट्रॉनिक तरीकों को तय करती है।

(i) RuPay-पावर्ड डेबिट कार्ड

(ii) 2,000 रुपये तक के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) ट्रांज़ैक्शन। कोई भी बैंक या सिस्टम प्रोवाइडर, ऊपर बताए गए पेमेंट के इलेक्ट्रॉनिक तरीकों का इस्तेमाल करके पेमेंट करने या लेने वाले व्यक्ति पर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई चार्ज नहीं लगाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पिछले महीने कहा था कि डिजिटल ट्रांज़ैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) मर्चेंट पर लागू होता है, ग्राहकों पर नहीं, और MDR चार्ज से बैंकों और फिनटेक कंपनियों को इंफ्रास्ट्रक्चर और सिक्योरिटी पर ज़्यादा निवेश करने में मदद मिलेगी।

यह भी पढ़ें- दुबई के शेख ने खोला खजाना: PM मोदी और क्राउन प्रिंस की मेगा डील डन, भारत में UAE करेगा 1.10 लाख करोड़ का निवेश