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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 25, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

5000 करोड़ रुपये का बैंक फ्रॉड करने वाला नितिन संदेसरा फरार, नाइजीरिया में ली शरण

By Praveen DwivediEdited By:
Published: Tue, 25 Sep 2018 08:08 AM (IST)

हाल ही में इस तरह की रिपोर्ट्स सामने आईं थी कि नितिन को अगस्त के दूसरे हफ्ते में दुबई में यूएई अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था

5000 करोड़ रुपये का बैंक फ्रॉड करने वाला नितिन संदेसरा फरार, नाइजीरिया में ली शरण
5000 करोड़ रुपये का बैंक फ्रॉड करने वाला नितिन संदेसरा फरार, नाइजीरिया में ली शरण

नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। बैंकों का लोन लेकर विदेश में जाकर छिप जाने वालों की सूची में अब गुजरात के व्यापारी नितिन संदेसरा का नाम जुड़ा है। नितिन 5000 करोड़ रुपये के बैंक फ्रॉड और मनी लॉन्ड्रिंग मामले का मुख्य आरोपी है। पिछले महीने यह खबर आई थी कि उसे दुबई में गिरफ्तार कर लिया गया है लेकिन वो फिलहाल दुबई में नहीं है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से सामने आई है।

केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के शीर्ष सूत्रों के मुताबिक नितिन संदेसरा, भाई चेतन संदेसरा, भाभी दीप्तिबेन संदेसरा और परिवार के अन्य सदस्य नाईजीरिया में छिपा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक नाईजीरिया के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि नहीं है, लिहाजा उसे भारत वापस लाना मुश्किल होगा।

 एक अधिकारी ने बताया, "हाल ही में इस तरह की रिपोर्ट्स सामने आईं थी कि नितिन को अगस्त के दूसरे हफ्ते में दुबई में यूएई अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था। यह गलत सूचना थी। उसे कभी भी दुबई में हिरासत में नहीं लिया गया। वो और उनके परिवार के सदस्य शायद इससे पहले नाइजीरिया चले गए थे।"

भारत की जांच एजेंसियों को संदेसरा के दुबई में होने की सूचना मिली थी, जिसके आधार पर अधिकारियों ने संयुक्त अरब अमीरात के अधिकारियों को सतर्क किया था। इसी बीच, अभियुक्त के खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाने के प्रयास चल रहे हैं। ईडी ने स्टर्लिंग बायोटेक और उसके प्रमोटरों एवं संदेसरा के भाइयों के खिलाफ पिछले साल अक्टूबर में मनी लॉंडरिंग का एक केस दर्ज कराया था।

गौरतलब है कि नितिन संदेसरा वडोदरा की कंपनी स्टर्लिंग बायोटेक का मालिक है। स्टर्लिंग बायोटेक ने अलग-अलग बैंकों से 5,383 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था जिसे नहीं चुकाया गया, और वो बाद में एनपीए बन गया।