Jio की वजह से चमकी Zerodha की किस्मत! नितिन कामथ ने बताया कैसे बदली भारत के बाजार की तस्वीर
ज़ेरोधा के सह-संस्थापक नितिन कामथ ने भारत के डिजिटल व्यवसाय और शेयर बाजार को बदलने में जियो के सस्ते इंटरनेट की भूमिका की सराहना की है।

Jio की वजह से चमकी Zerodha की किस्मत!
HighLights
जियो के सस्ते इंटरनेट ने डिजिटल व्यापार को बढ़ावा दिया।
ज़ेरोधा की वृद्धि में जियो, आधार, यूपीआई का योगदान।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से निवेशक संख्या 2 करोड़ से 13 करोड़ हुई।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: रिलायंस जियो के IPO को लेकर निवेशकों के बीच चर्चा तेज है। इसी बीच ऑनलाइन ब्रोकरेज प्लेटफॉर्म जीरोधा के को-फाउंडर नितिन कामथ (Nitin Kamath) ने जियो (jio) की तारीफ करते हुए बताया है कि कैसे सस्ते इंटरनेट ने भारत के डिजिटल बिजनेस और शेयर बाजार को बदलने में बड़ी भूमिका निभाई। हालांकि, उन्होंने निवेशकों को जियो के IPO में आवेदन करने या न करने की सलाह देने से इनकार किया है।
जियो और एयरटेल ने बिजनेस को कैसे दी रफ्तार?
नितिन कामथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि जीरोधा (zerodha) की ग्रोथ में सस्ते मोबाइल डेटा के साथ आधार और UPI का भी बड़ा योगदान रहा है। जियो (Jio) और एयरटेल (airtel) ने लाखों लोगों को किफायती इंटरनेट उपलब्ध कराया, जिससे ऑनलाइन सेवाओं की पहुंच बढ़ी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बिजनेस करना आसान हुआ।
कामथ ने याद किया कि साल 2016 में जारी की गई एक लिस्ट में मुकेश अंबानी पहले नंबर पर थे, जबकि वह छठे नंबर पर थे। उस समय जीरोधा ने डिलीवरी ट्रेड पर ब्रोकरेज फीस खत्म की थी, लेकिन कंपनी का आकार रिलायंस और जियो के मुकाबले बहुत छोटा था।
2 करोड़ से बढ़कर 13 करोड़ हुए निवेशक
कामथ के मुताबिक, साल 2016 में भारत में करीब 2 करोड़ यूनिक निवेशक थे, जबकि अब यह संख्या 13 करोड़ से ज्यादा हो चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बढ़ोतरी में जियो की अहम भूमिका रही है। सस्ते इंटरनेट, आधार और UPI जैसी सुविधाओं ने ज्यादा लोगों के लिए शेयर बाजार तक पहुंचना आसान बनाया।
उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना जीरोधा जैसे ऑनलाइन बिजनेस आज जिस स्तर पर हैं, वहां तक पहुंचना मुश्किल होता। कोरोना महामारी के बाद भारतीय शेयर बाजार में रिटेल निवेशकों की बढ़ती भागीदारी के पीछे भी इस डिजिटल बदलाव का योगदान रहा।
When Jio was getting ready to launch in 2015, I remember being petrified to find myself on this Economic Times list of 10 businessmen to watch in 2016. Mukesh Ambani was #1, and I was #6, mainly because we had just made delivery brokerage free. We were, and still are, ants compared to Reliance/Jio. 😅 Looking back, what's phenomenal isn't just how big it has become. It's how much it has changed India and helped so many businesses start and grow. We've been beneficiaries too. @Zerodha wouldn't be what it is today without Aadhaar and UPI. But just as important was Jio, along with Airtel, bringing millions of Indians online with affordable data. Together, all of this made the huge expansion of Indian capital markets after COVID possible. Without this digital infrastructure, many online-first businesses would be much smaller, and a lot of today's consumer business models might not exist at all. In 2016, India had roughly 2 crore unique investors. Today, over 13 crore Indians invest in the markets, and Jio played a big part in that. I can't tell you whether to apply for the upcoming IPO. But both telcos have played a huge role in enabling an entire generation of Indian businesses like ours. And it's nice that the capital markets they helped grow can now help Jio raise money. From the outside, it's easy to miss how much of our success depends on infrastructure built by others.
— Nithin Kamath (@Nithin0dha) October 21, 2026
जियो IPO पर क्या बोले नितिन कामथ?
Jio IPO 21 से 23 अक्टूबर 2026 तक खुला है। इश्यू का आकार करीब 30,000 करोड़ रुपये है और कंपनी का वैल्यूएशन लगभग 10.3 लाख करोड़ रुपये तक है। कामथ ने स्पष्ट किया कि वह निवेशकों को यह नहीं बता सकते कि IPO में पैसा लगाना चाहिए या नहीं। उनका जोर इस बात पर था कि जिस डिजिटल इकोसिस्टम ने कई कंपनियों को आगे बढ़ने में मदद की, अब वही शेयर बाजार जियो को भी पूंजी जुटाने का मौका दे रहा है।
