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Diwali Bonus: क्या आपको भी नहीं मिला दीवाली बोनस, कंपनी से कैसे मांगे अपना अधिकार? तुरंत जान लें ये काम की बात

Published: Wed, 21 Oct 2026 12:38 PM (IST)

दीवाली आते ही हर कर्मचारी के चेहरे पर खुशी आ जाती है क्यों हर किसी को बोनस की उम्मीद होती ...और पढ़ें

क्या आपको भी नहीं मिला दीवाली बोनस? (ai photo)

क्या आपको भी नहीं मिला दीवाली बोनस? (ai photo)

HighLights

  1. दीवाली बोनस देना कानूनी रूप से अनिवार्य नहीं।

  2. ₹21,000 तक वेतन वाले वैधानिक बोनस के पात्र।

  3. बोनस गणना: न्यूनतम 8.33%, अधिकतम 20%।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: दीवाली पर कर्मचारियों को बोनस (Diwali bonus) मिलने का इंतजार रहता है। कई कंपनियां त्योहार के मौके पर कर्मचारियों को अतिरिक्त पैसे, गिफ्ट या मिठाई देती हैं। लेकिन क्या हर कंपनी के लिए दीवाली पर बोनस देना जरूरी है? क्या कंपनी अपनी मर्जी से बोनस देने से इनकार कर सकती है? इन सवालों का जवाब जानना नौकरीपेशा लोगों के लिए जरूरी है। दरअसल, दीवाली बोनस और कानून के तहत मिलने वाला सालाना बोनस एक जैसी चीजें नहीं हैं। नए लेबर कोड के तहत बोनस से जुड़े नियमों में भी अहम प्रावधान हैं।

हर कंपनी के लिए दीवाली बोनस देना जरूरी नहीं

सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि कानून में दीवाली के नाम पर अलग से बोनस देने की सामान्य अनिवार्यता नहीं है। कई कंपनियां अपनी परंपरा, कर्मचारियों के साथ हुए समझौते या कंपनी की पॉलिसी के तहत त्योहार पर बोनस देती है। ऐसे में अगर किसी कंपनी में दीवाली बोनस देने की कोई बाध्यता नहीं है, तो केवल दीवाली पर बोनस नहीं देने को कानून का उल्लंघन नहीं माना जा सकता।

हालांकि, कानून के तहत पात्र कर्मचारियों को मिलने वाला सालाना बोनस अलग है। अगर किसी कर्मचारी और उसके संस्थान पर बोनस से जुड़े कानूनी प्रावधान लागू होते हैं, तो कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती।

₹21,000 तक सैलरी वालों के लिए क्या है नियम?

वेतन संहिता यानी Code on Wages, 2019 के तहत बोनस के प्रावधान शामिल हैं। श्रम मंत्रालय ने 25 अगस्त 2026 को जारी अधिसूचनाओं के जरिए पात्रता और बोनस की गणना से जुड़े नियम स्पष्ट किए हैं। इन अधिसूचनाओं के मुताबिक, निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले ऐसे कर्मचारियों को वैधानिक बोनस मिल सकता है, जिनकी मासिक वेतन सीमा ₹21,000 तक है। ये बदलाव 21 नवंबर 2025 से प्रभावी माने गए हैं।

यहां ध्यान देने वाली बात है कि ₹21,000 की सीमा बोनस के लिए पात्रता से जुड़ी है। इसका मतलब यह नहीं है कि हर कर्मचारी को ₹21,000 बोनस मिलेगा या हर कर्मचारी की पूरी सैलरी पर बोनस की गणना होगी।

कितना मिल सकता है बोनस?

नियमों के तहत पात्र कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बोनस 8.33% और अधिकतम बोनस 20% तक हो सकता है। वास्तविक रकम की गणना निर्धारित वेतन आधार और लागू शर्तों के मुताबिक की जाती है।

नए नियमों के तहत ₹7,000 प्रति माह या केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित लागू न्यूनतम मजदूरी, दोनों में से जो अधिक हो, उसे गणना के आधार के रूप में लिया जाएगा।

उदाहरण: मान लीजिए बोनस की गणना के लिए लागू वेतन आधार ₹7,000 प्रति माह है।

  • न्यूनतम बोनस: ₹7,000 × 8.33% × 12 = लगभग ₹6,997
  • अधिकतम बोनस: ₹7,000 × 20% × 12 = ₹16,800

कितने दिन काम करना जरूरी है?

वैधानिक बोनस (bonus) पाने के लिए सामान्य तौर पर कर्मचारी का संबंधित लेखा वर्ष में कम से कम 30 दिन काम करना जरूरी है। इसके अलावा संस्थान और कर्मचारी पर लागू कानूनी शर्तों को भी पूरा करना होगा। इसलिए सिर्फ सैलरी की सीमा में आने से हर व्यक्ति को बोनस मिलने की गारंटी नहीं होती।

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