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देश का सबसे बड़ा बंदरगाह, जहां से गुजरता है करोड़ों टन माल! 200 MMT कार्गो संभालकर बनाया रिकॉर्ड; कौन है मालिक?

Published: Wed, 21 Oct 2026 11:37 AM (IST)

India biggest port: क्या आपको पता है कि भारत में एक ऐसा बंदरगाह है जिसने 200.7 मिलियन मीट्रिक टन कार्गो ...और पढ़ें

देश का सबसे बड़ा बंदरगाह का मालिक कौन? (ai photo)

देश का सबसे बड़ा बंदरगाह का मालिक कौन? (ai photo)

HighLights

  1. मुंद्रा पोर्ट ने 200.7 MMT कार्गो संभालकर रिकॉर्ड बनाया।

  2. यह अदाणी ग्रुप का पोर्ट भारत का सबसे बड़ा है।

  3. देश के 95% समुद्री व्यापार में मुंद्रा की अहम भूमिका।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: क्या आप जानते हैं कि भारत का लगभग 95% विदेशी व्यापार समुद्री रास्तों से ही होता है? देश की 7,517 किमी लंबी तटरेखा पर 13 बड़े और 200 से ज्यादा छोटे-मध्यम पोर्ट्स स्थित हैं। हर साल लाखों टन कार्गो संभालने वाले इन बंदरगाहों को केंद्र, राज्य सरकारों या फिर पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के तहत चलाया जाता है। आज हम आपको भारत के एक ऐसे बंदरगाह के बारे में बताने जा रहे हैं, जो देश में सबसे अधिक कार्गो हैंडल (Largest cargo handling port in india) करने का रिकॉर्ड रखता है।

भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह

भारत के समुद्री कारोबार में गुजरात का मुंद्रा पोर्ट (Mundra Port) एक ऐसी ताकत बनकर उभरा है, जहां से हर साल करोड़ों टन सामान की आवाजाही होती है। अदाणी ग्रुप (Adani group) का यह पोर्ट वित्त वर्ष 2024-25 में 200.7 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) कार्गो संभालकर देश का पहला ऐसा पोर्ट बना, जिसने एक साल में 200 MMT का आंकड़ा पार किया। इस उपलब्धि के साथ मुंद्रा ने भारतीय बंदरगाहों के बीच अपनी मजबूत स्थिति दर्ज कराई है।

कब हुई थी शुरुआत?

मुंद्रा पोर्ट का संचालन अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) करती है। यह गुजरात के कच्छ जिले में स्थित है और भारत के पश्चिमी तट पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार का एक प्रमुख केंद्र है। इसके साथ ही 1998 में गुजरात अदाणी पोर्ट लिमिटेड (GAPL) के तौर पर शुरू हुए इस पोर्ट ने 2001 में काम करना शुरू किया। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे मिडिल ईस्ट, अफ्रीका और यूरोप के व्यापारिक मार्गों से जोड़ती है। यहां से देश में आयात होने वाला कच्चा माल और दूसरे उत्पाद पहुंचते हैं, वहीं भारत में तैयार सामान को विदेशी बाजारों तक भेजने में भी इसकी अहम भूमिका है।

कंटेनर से लेकर कच्चे तेल तक, हर तरह का माल

मुंद्रा पोर्ट की खासियत (Mundra port special feature) सिर्फ इसका बड़ा कार्गो वॉल्यूम नहीं, बल्कि यहां संभाले जाने वाले सामान की विविधता भी है। यहां कंटेनर, कोयला, कच्चा तेल, उर्वरक, खाद्य तेल और कृषि से जुड़े उत्पादों की आवाजाही होती है। औद्योगिक कंपनियों से लेकर कृषि कारोबार और उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियों तक, कई क्षेत्रों के लिए यह पोर्ट अहम लॉजिस्टिक्स केंद्र है।

कारोबार और रोजगार के लिए क्यों अहम है मुंद्रा?

पोर्ट के जरिए माल की ढुलाई होने से परिवहन, वेयरहाउसिंग, लॉजिस्टिक्स और दूसरे संबंधित कारोबारों को भी बढ़ावा मिलता है। आयातित कच्चे माल पर निर्भर उद्योगों और विदेशों में उत्पाद बेचने वाली कंपनियों के लिए बंदरगाह की क्षमता और माल की आवाजाही में लगने वाला समय काफी मायने रखता है। बेहतर कनेक्टिविटी से सप्लाई चेन की लागत और समय को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

अदाणी पोर्ट्स की FY 2024-25 रिपोर्ट के मुताबिक, मुंद्रा पोर्ट ने 200.7 MMT कार्गो संभाला, जो FY24 के 179.6 MMT से लगभग 12% अधिक था। कंपनी की रिपोर्ट में पोर्ट की स्थापित क्षमता 264 MMT बताई गई है। इसके साथ ही आधिकारिक रिपोर्ट में मुंद्रा के लिए सालाना कंटेनर हैंडलिंग का आंकड़ा 85 लाख TEU दिया गया है।

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