'रातोंरात बदल जाएगा...', IRDAI के ड्राफ्ट से इंश्योरेंस शेयरों में भूचाल, जीरोधा फाउंडर ने भी दे डाली ऐसी चेतावनी!
IRDAI draft: जीरोधा फाउंडर नितिन कामथ ने IRDAI के नए ड्राफ्ट प्रस्ताव को फिनटेक के लिए बड़ा रेगुलेटरी जोखिम बताया ...और पढ़ें
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IRDAI के ड्राफ्ट से इंश्योरेंस शेयरों में भूचाल, जीरोधा वाले नितिन कामथ ने भी दे डाली चेतावनी; किसे बताया सबसे बड़ा रिस्क? (फोटो AI जनरेटेड है)

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बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| जीरोधा फाउंडर नितिन कामथ ने रेगुलेटरी रिस्क को फिनटेक का बड़ा खतरा बताया है। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी IRDAI के इंश्योरेंस कमीशन पर नए ड्राफ्ट प्रस्ताव के बीच कामथ ने कहा कि रेगुलेटेड बिजनेस के लिए नियमों में बदलाव इतना बड़ा जोखिम है कि इससे किसी कंपनी का पूरा बिजनेस मॉडल रातोंरात बदल सकता है।
कामथ ने क्या दी चेतावनी?
नितिन कामथ ने IRDAI के इंश्योरेंस कमीशन से जुड़े ड्राफ्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि,
"किसी भी रेगुलेटेड बिजनेस के लिए सबसे बड़ा जोखिम रेगुलेटरी रिस्क है। आज का IRDAI ड्राफ्ट इसकी अच्छी याद दिलाता है।"
उन्होंने कहा कि यही बात ब्रोकिंग इंडस्ट्री पर भी लागू होती है।
नितिन कामथ के मुताबिक रिटेल F&O ट्रेडिंग, क्लाइंट फंड फ्लोट, मार्जिन ट्रेडिंग फैसिलिटी यानी MTF और दूसरे नियमों में बदलाव सीधे ब्रोकिंग कंपनियों की कमाई और बिजनेस मॉडल पर असर डाल सकते हैं। कामथ ने निवेशकों को आगाह किया कि रेगुलेटेड कंपनियों को सिर्फ मौजूदा रेवेन्यू और प्रॉफिट ग्रोथ देखकर वैल्यू करना जोखिम भरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि, "फिनटेक में लगभग हर चीज के साथ यह जोखिम जुड़ा है।"
IRDAI के प्रस्ताव से 34% तक टूटे शेयर
कामथ की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब IRDAI के प्रस्ताव के बाद इंश्योरेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। PB Fintech का शेयर 34% तक गिरकर ₹1,244.50 के 52-हफ्ते के निचले स्तर पर पहुंच गया। Turtlemint 20%, Max Financial 12.98%, ICICI Prudential Life 8.08% और HDFC Life 8.46% नीचे रहे।
इसके अलावा Star Health 6.59%, SBI Life 3.41%, ICICI Lombard 2.33% और LIC 2.21% तक फिसले।
I keep saying this: for any regulated business, the biggest risk is regulatory risk. Today's IRDAI draft on insurance commissions is a good reminder.
— Nithin Kamath (@Nithin0dha) September 24, 2026
Broking is no different. A change in rules around retail F&O trading, how brokers can earn on client float, MTF requirements, or… pic.twitter.com/cQeMHJGJW8
IRDAI ने क्या किया है बदलाव?
दरअसल, IRDAI ने डिस्ट्रीब्यूशन रेगुलेशन और एक्सपेंसेस ऑफ मैनेजमेंट (EoM) लिमिट में बदलाव को लेकर दो हिस्सों में कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। प्रस्तावों का मकसद इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन की लागत घटाना और ग्राहकों को जोड़ने की लागत तथा कमीशन के बीच बेहतर संतुलन बनाना है।
यही बदलाव उन कंपनियों के लिए चिंता बढ़ा रहा है जिनकी कमाई इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन से काफी जुड़ी है। कामथ की बात का सीधा मतलब है कि फिनटेक और फाइनेंशियल कंपनियों में निवेश करते समय सिर्फ ग्रोथ नहीं, बल्कि भविष्य में बदल सकने वाले रेगुलेशन का असर भी देखना जरूरी है।
