'चुपचाप नहीं, अब खुलकर सामने आएं...', टैक्स पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा बयान, किसे दी यह नसीहत?
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इंडियन टैक्स रिसर्च एंड एडवाइजरी फाउंडेशन (ITRAF) से अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन के क्षेत्र में अपने ...और पढ़ें

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ITRAF से अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन पर खुलकर योगदान देने को कहा (फाइल फोटो)
HighLights
निर्मला सीतारमण ने ITRAF को अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन पर खुलकर योगदान देने को कहा।
ITRAF की विशेषज्ञता पॉलिसी बनाने और आम बातचीत तक पहुंचनी चाहिए।
ITRAF में भारत के प्रमुख टैक्स दिग्गज और एकेडेमिशियन शामिल हैं।
नई दिल्ली। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को इंडियन टैक्स रिसर्च एंड एडवाइजरी फाउंडेशन (ITRAF) से कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन के क्षेत्र में अब तक किए गए अपने शांत योगदान से आगे बढ़ें और पॉलिसी बनाने की प्रक्रियाओं और आम बातचीत में अपनी विशेषज्ञता को और ज़्यादा दिखाएं।
बेंगलुरु, कर्नाटक में ITRAF के 8वें इंटरनेशनल टैक्स कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन पर संगठन की बेहतरीन कमेंट्री पॉलिसी बनाने वालों और आम जनता तक भी पहुंचनी चाहिए।
वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, "ITRAF से मेरा पहला सुझाव बहुत सीधा है। आपने अब तक चुपचाप योगदान दिया है और मैं अब आपसे आग्रह करती हूं कि आप खुलकर योगदान दें।"
वित्त मंत्री ने कहा कि ITRAF द्वारा तैयार की गई कमेंट्री बेहतरीन होती है और इस क्षेत्र के प्रोफेशनल्स तक पहले से ही पहुंचती है, लेकिन उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उनके काम की मौजूदगी पॉलिसी पर चर्चाओं और आम जनता के बीच भी ज़्यादा होनी चाहिए।
वित्त मंत्री सीतारमण ने आगे कहा, "आपने अब तक चुपचाप योगदान दिया है और मैं अब आपसे आग्रह करती हूं कि आप खुलकर योगदान दें, क्योंकि मैं समझती हूं कि आप जो कमेंट्री तैयार करते हैं वह बेहतरीन होती है और प्रोफेशनल्स तक पहुंचती है, लेकिन इसे पॉलिसी बनाने की प्रक्रियाओं और आम जनता तक भी पहुंचना चाहिए।"
ITRAF की बनावट और काबिलियत पर बात करते हुए, वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि संगठन में भारत की कुछ सबसे बड़ी टेक्नोलॉजी कंपनियों के पूर्व चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर्स और टैक्स हेड्स, सीनियर एडवोकेट्स, प्रमुख प्रोफेशनल फर्मों के पार्टनर्स और ऐसे एकेडेमिशियन शामिल हैं जिन्होंने टैक्स प्रैक्टिस करने वालों की कई पीढ़ियों को पढ़ाया है।
उन्होंने कहा, "ये इस क्षेत्र के दिग्गज हैं," और बताया कि उन्होंने एक दशक से अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन पर कमेंट्री में "चुपचाप और लगातार" योगदान दिया है।
वित्त मंत्री सीतारमण ने ITRAF के पब्लिश किए गए काम का भी ज़िक्र किया और कहा कि फाउंडेशन ने सात वॉल्यूम निकाले हैं, जिनकी प्रस्तावना (foreword) अंतरराष्ट्रीय टैक्सेशन के क्षेत्र में दुनिया भर के कुछ सबसे सम्मानित नामों ने लिखी है।
मंत्री ने ITRAF के अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव की ओर भी इशारा किया और बताया कि उनके कॉन्फ्रेंस द हेग, लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स और लंदन में चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ टैक्सेशन के संस्थानों के सहयोग से आयोजित किए गए हैं।
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