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अब भारी वाहनों के लिए जरूरी होगा RECD? ट्रांस्पोर्टर्स के लिए सरकार का नया ड्राफ्ट, मांगे सुझाव

Published: Wed, 16 Sep 2026 09:04 PM (IST)

सड़क परिवहन मंत्रालय ने भारी डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए नए ड्राफ्ट नियम जारी ...और पढ़ें

भारी वाहनों के लिए सरकार का नया ड्राफ्ट

भारी वाहनों के लिए सरकार का नया ड्राफ्ट

HighLights

  1. MoRTH ने भारी डीजल वाहनों के लिए नए ड्राफ्ट नियम जारी किए।

  2. 3,500 किलोग्राम से अधिक वाहनों में RECD लगाना होगा अनिवार्य।

  3. प्रदूषण नियंत्रण हेतु जनता से 30 दिनों के भीतर सुझाव मांगे गए।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारी डीजल वाहनों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (Central Motor Vehicles Rules) में संशोधन का ड्राफ्ट जारी किया है। प्रस्ताव के तहत 3,500 किलोग्राम से अधिक सकल वाहन भार (Gross Vehicle Weight-GVW) वाले भारी डीजल वाहनों में रेट्रोफिट एमिशन कंट्रोल डिवाइस (Retrofit Emission Control Device-RECD) लगाने का प्रावधान किया गया है।

मंत्रालय द्वारा जारी ड्राफ्ट के अनुसार यह नियम M और N कैटेगरी के मोटर वाहनों पर लागू होगा। इसके दायरे में वे वाहन आएंगे जो Compression Ignition इंजन से लैस हैं, यानी डीजल इंजन पर चलते हैं। प्रस्तावित नियम में कहा गया है कि ऐसे वाहनों में RECD लगाया जाएगा ताकि उनके उत्सर्जन को कंट्रोल किया जा सके।

क्या है सरकार का प्लान?

ड्राफ्ट नियम के मुताबिक RECD को भारतीय मानक AIS-228 के अनुरूप होना अनिवार्य होगा। साथ ही AIS-228 में समय-समय पर होने वाले संशोधन भी इन उपकरणों पर लागू होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि RECD की रेट्रोफिटिंग AIS-228 की संशोधित आवश्यकताओं के अनुसार ही की जाएगी।

यह प्रस्ताव केंद्रीय मोटर वाहन नियमावली, 1989 में नया नियम 115-DA जोड़ने के लिए लाया गया है। इसके तहत भारी डीजल वाहनों में उत्सर्जन नियंत्रण उपकरण लगाने का कानूनी प्रावधान किया जाएगा।

आम जनता के सुझावों पर होगा विचार

हालांकि यह अभी केवल ड्राफ्य नियम है। मंत्रालय ने नॉटिफिकेशन जारी कर इस पर आम जनता और संबंधित पक्षों से आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। अधिसूचना के पब्लिश के बाद 30 दिनों तक सुझाव भेजे जा सकते हैं। प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद सरकार अंतिम नियम अधिसूचित करेगी।

सरकार का यह प्रस्ताव भारी डीजल वाहनों से होने वाले उत्सर्जन को नियंत्रित करने पर केंद्रित है। यदि ड्राफ्ट नियम को अंतिम रूप दिया जाता है, तो 3,500 किलोग्राम से अधिक वजन वाले डीजल वाहनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप RECD लगाना आवश्यक होगा।

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यहां भेज सकते हैं सुझाव

मंत्रालय ने कहा है कि मसौदा नियमों पर प्राप्त सुझावों और आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम फैसला लिया जाएगा। इच्छुक व्यक्ति अपने सुझाव सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को ईमेल comments-morth@gov.in](mailto:comments-morth@gov.in) पर भेज सकते हैं।