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1 अक्टूबर से बदला टैक्स का गणित: पेट्रोल, डीजल और ATF निर्यात पर नई दरें लागू

Published: Thu, 01 Oct 2026 12:11 AM (IST)Updated: Thu, 01 Oct 2026 12:14 AM (IST)

केंद्र सरकार ने डीजल और एटीएफ के निर्यात पर नई ड्यूटी दरें जारी की हैं, जो 1 अक्टूबर से लागू ...और पढ़ें

Petrol-Diesel और ATF निर्यात पर नई शुल्क दरें जारी

Petrol-Diesel और ATF निर्यात पर नई शुल्क दरें जारी

HighLights

  1. डीजल और एटीएफ निर्यात पर नई ड्यूटी दरें जारी।

  2. पेट्रोल निर्यात शुल्क 0.5 रुपये प्रति लीटर पर अपरिवर्तित।

  3. नई दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी, घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित होगी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाली एक्सपोर्ट ड्यूटी की नई दरें जारी कर दी हैं। सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर शुल्क (Export Duty on Petrol Diesel) में बदलाव किया है।

वहीं, पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर लगने वाली ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त मंत्रालय ने एक नोटिफिकेशन में कहा कि संशोधित ड्यूटी दरें 1 अक्टूबर से लागू होंगी।

पेट्रोल पर कितनी हुई एक्सपोर्ट ड्यूटी

पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी की दर पहले की तरह ही रहेगी। पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 0.5 रुपये प्रति लीटर SAED लगाया जाता रहेगा। RIC की दर पेट्रोल पर भी शून्य है। यानी नई समीक्षा में पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

मार्च 2026 में शुरू हुई थी एक्सपोर्ट ड्यूटी

पेट्रोल, डीजल और ATF के निर्यात पर SAED और RIC की व्यवस्था 27 मार्च 2026 से लागू की गई थी। इसका उद्देश्य पश्चिम एशिया में पैदा हुए संकट के बीच देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है।

सरकार ने निर्यात को हतोत्साहित करने के लिए इन उत्पादों पर शुल्क लगाया था, ताकि घरेलू बाजार में इनकी उपलब्धता प्रभावित न हो।

हर 15 दिन में होती है समीक्षा

इन एक्सपोर्ट लेवी की दरों में नियमित अंतराल पर समीक्षा की जाती है। सरकार ने पिछली बार 16 सितंबर 2026 से दरों में बदलाव किया था।

नई दरें तय करते समय पिछली समीक्षा के बाद की अवधि में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और ATF की औसत कीमतों को आधार बनाया जाता है।

घरेलू पेट्रोल-डीजल पर कोई बदलाव नहीं

सरकार ने साफ किया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए जारी किए जाने वाले पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा एक्साइज ड्यूटी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

इसका मतलब है कि ताजा फैसला मुख्य रूप से इन पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लागू शुल्क से जुड़ा है।

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