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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 03, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

RBI के नए कार्यकारी निदेशक बने Neeraj Nigam, संभालेंगे एक साथ चार विभाग

By Sonali SinghEdited By: Sonali Singh
Published: Mon, 03 Apr 2023 01:45 PM (IST)

RBI New Executive Director 2023 आरबीआई ने नीरज निगम को नए कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त कर लिया है। ...और पढ़ें

RBI New Executive Director 2023: Neeraj Nigam Will Handel Four Department
RBI New Executive Director 2023: Neeraj Nigam Will Handel Four Department

नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को नीरज निगम को नए कार्यकारी निदेशक (ED) के रूप में चुन लिया है, जो चार विभागों का पदभार संभालेंगे। ED के रूप में चुने जाने से पहले वे RBI के भोपाल क्षेत्रीय कार्यालय में निदेशक के रूप में कार्यरत थे। वहीं, वे तीन दशकों से अधिक समय से रिजर्व बैंक में अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं।

चार विभाग की मिल रही जिम्मेदारी

आरबीआई ने एक बयान में कहा है कि निगम उपभोक्ता शिक्षा और संरक्षण विभाग, वित्तीय समावेशन और विकास विभाग, कानूनी विभाग और सचिव विभाग का कार्य संभालेंगे। इससे पहले निगम केंद्रीय कार्यालय के साथ-साथ क्षेत्रीय कार्यालयों में विनियमन और पर्यवेक्षण, मानव संसाधन प्रबंधन, परिसर, मुद्रा प्रबंधन, बैंक खातों और अन्य क्षेत्रों में सेवा दे चुके हैं।

जानकारी के लिए बता दें कि नीरज निगम ने भारतीय बैंकिंग और वित्त संस्थान (CAIIB) के सर्टिफाइड एसोसिएट की योग्यता हासिल किया है। इसके अलावा, उन्होंने बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से सिविल इंजीनियरिंग में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है।

RBI बढ़ा सकता है रेपो रेट

कहा जा रहा है कि मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy committee) बैठक में आरबीआई एक बाद फिर रेपो रेट (Repo Rate) में बढ़ोतरी कर सकती है। यह बैठक 3 अप्रैल से शुरू हो गई है और 6 अप्रैल तक चलेगी। अमेरिकी बैंक फेडी द्वारा पिछले महीने रेपो दरों को बढ़ाने के बाद से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि भारतीय बैंकों में भी इसका असर देखने को मिलेगा। रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की एक और वृद्धि का फैसला किया जा सकता है।

गौरतलब है कि अमेरिकी बैंकों के पतन से बाजारों पर होने वाले असर और मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए आरबीआई ने लगातार नीतिगत ब्याज दर में बढ़ोतरी का रुख अपनाया है। आंकड़ों पर नजर डालें तो मई, 2022 से रेपो दर चार प्रतिशत से बढ़कर 6.50 प्रतिशत पर पहुंच चुका है।