नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से बुधवार को MSMEs सहित अन्य सेक्टर के लिए कई बड़े एलान किए गए। उन्होंने आंशिक क्रेडिट गारंटी योजना के माध्यम से NBFC के लिए 45,000 करोड़ की नकदी डालने की घोषणा की। सीतारमण ने NBFC, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियों और MFIs के लिए 30,000 करोड़ की लिक्विडिटी सुविधा की घोषणा की।

वित्त मंत्री के मुताबिक, एनबीएफसी को मदद नहीं मिल रही है। इसी को देखते हुए 30,000 करोड़ रुपये की स्पेशल लिक्विडिटी स्कीम पेश की जा रही है, जिसमें सरकार एनबीएफसी, एचएफसी और एमएफआई के निवेश ग्रेड के कर्ज पत्र (Debt Paper) खरीदेगी। ये कर्ज पत्र सिर्फ हाइ क्वालिटी के नहीं होंगे। इन सिक्योरिटीज पर पूरी गारंटी भारत सरकार लेगी। सीतारमण ने यह भी कहा कि सरकार पहले 20% नुकसान की गारंटी देगी। यह नकदी योजना आरबीआई के लक्षित उधार रेपो संचालन (TLTRO 2.0). के तहत उपलब्ध सस्ते पैसे के अतिरिक्त होगी।

उधर, बिजली वितरण कंपनियों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है, इसलिए वित्त मंत्री ने डिस्कॉम यानी बिजली वितरण कंपनियों की मदद के लिए 90,000 करोड़ रुपए की इमरजेंसी लिक्विडिटी की घोषणा की है।

सीतारमण की ओर से डिस्कॉम के लिए इमरजेंसी लिक्विडिटी के लिए घोषित 90,000 करोड़ रुपए डिस्कॉम पॉवर फाइनेंस कॉरपोरेशन और रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन के द्वारा प्राप्तियों के आधार दिया जाएगा। डिस्कॉम पर मौजूदा समय में पॉवर जनरेशन एंड ट्रांसमिशन कंपनी पर 94, 000 करोड़ की देनदारी है।

डिस्कॉम को यह लोन राज्य की गांरटी पर देनदारियों से छूट देने के विशेष उद्देश्य के लिए दिया गया है। इससे डिस्कॉम ग्राहकों के लिए डिजिटल पेमेंट्स सुविधा, राज्य सरकारों की देनदारियों की निपटान और फाइनेंशियल, ऑपरेशनल नुकसान को कम किया जा सकेगा।

Posted By: Nitesh

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