नई दिल्ली, पीटीआइ। नेचुरल गैस की कीमतों में मंगलवार को 26 फीसद की भारी कटौती की गई। वर्ष 2014 में नेचुरल गैस की कीमतों को लेकर फॉर्मूला तय किए जाने के बाद से गैस की कीमतें अपने न्यूनतम स्तर पर आ गई हैं। नेचुरल गैस की कीमतों में कमी से सीएनजी और पाइप के जरिए सप्लाई की जाने वाली गैस (PNG) के दाम में कमी आएगी। हालांकि, इससे ONGC जैसी कंपनी के राजस्व पर भारी असर पड़ने की आशंका पैदा हो गई है। पेट्रोलियम मंत्रालय के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल (PPAC) ने कहा है कि नेचुरल गैस की कीमत 2.39 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट होगा। नई दरें एक अप्रैल से अगले छह माह के लिए प्रभावी होगी। वर्तमान में यह दर 3.23 डॉलर प्रति mmBtu पर है।

पिछले छह माह में नेचुरल गैस की कीमतों में दूसरी बार कमी की गई है। नेचुरल गैस का इस्तेमाल उर्वरकों के उत्पादन और बिजली बनाने के लिए किया जाता है। इस गैस को सीएनजी एवं पीएनजी में कंवर्ट किया जाता है, जिनका इस्तेमाल वाहनों में ईंधन और घरों में कुकिंग गैस के रूप में होता है। नेचुरल गैस की कीमतें हर छह माह पर यानी एक अप्रैल और एक अक्टूबर को तय की जाती है।

वर्ष 2014 में सत्ता में आने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार ने नवंबर में नेचुरल गैस की कीमतों के निर्धारण के लिए एक फॉर्मूला तय किया था। नेचुरल गैस की कीमतों से यूरिया, बिजली और सीएनजी की कीमतों पर असर पड़ता है। हालांकि, इसका सीधा असर Oil and Natural Gas Corp जैसी गैस उत्पादक कंपनियों पर भी पड़ता था। 

एक अक्टूबर, 2019 को नेचुरल गैस की कीमतों में 12.5 फीसद की कमी की गई थी। सूत्रों ने बताया है कि नेचुरल गैस की कीमतों में कमी से देश की सबसे बड़ी गैस उत्पादक कंपनी ONGC के साथ-साथ Reliance Industries एवं उसकी सहयोगी कंपनी BP plc की आमदनी पर असर पड़ना तय है। सूत्रों ने बताया कि दाम में कमी की वजह से गैस बिजनेस से ONGC की आमदनी में 3,000 करोड़ रुपये की कमी आई है। 

Posted By: Ankit Kumar

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