नई दिल्ली, पीटीआइ। भारत में नेचुरल गैस की कीमतों में अप्रैल से 25 फीसद तक की भारी कटौती हो सकती है। सूत्रों के मुताबिक दुनियाभर में प्राकृतिक गैस के दाम में गिरावट के कारण देश में भी नेचुरल गैस के भाव में जबरदस्त कमी की जा सकती है। उनके मुताबिक पब्लिक सेक्टर कंपनी ओएनजीसी और ऑयल इंडिया लिमिटेड द्वारा उत्पादित अधिकांश प्राकृतिक गैस की कीमतों में कमी की घोषणा की जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो यह छह माह में दूसरी कटौती होगी और गैस की कीमत ढाई साल के न्यूनतम स्तर पर पहुंच जाएगा। 

हर छह महीने पर तय होती है कीमत 

नेचुरल गैस का इस्तेमाल उर्वरकों के उत्पादन, बिजली पैदा करने, ऑटोमोबाइल में उपयुक्त सीएनजी एवं घरों में उपयोग में लाए जाने वाले कुकिंग गैस के रूपांतरण में किया जाता है। नेचुरल गैस की कीमतों का निर्धारण साल में दो बार किया जाता है। इस गैस का भाव एक अप्रैल और एक अक्टूबर को छह-छह माह के अंतर पर तय किया जाता है। 

घटेगी ONGC, Reliance Industries की आय

नेचुरल गैस के रेट से यूरिया, बिजली और सीएनजी के दाम तय होते हैं। इससे ओएनजीसी जैसी कंपनियों की आमदनी भी तय होती है। पिछले साल एक अक्टूबर को नेचुलर गैस की कीमतों में 12.5 फीसद की कटौती की गई थी। एक अक्टूबर को नेचुरल गैस की कीमत 3.69 डॉलर प्रति mmBtu से घटाकर 3.23 डॉलर प्रति mmBtu कर दिया गया था। इसे अब 2.5 डॉलर प्रति mmBtu किये जाने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक नेचुरल गैस के दाम में कटौती से भारत के सबसे बड़े नेचुरल गैस उत्पादक ONGC के साथ Reliance Industries और उसकी साझीदार कंपनी BP plc की आय पर असर पड़ सकता है। 

CNG हो जाएगा सस्ता

हालांकि, नेचुरल गैस की कीमतों में गिरावट के बाद सीएनजी भी सस्ता हो सकता है क्योंकि सीएनजी के उत्पादन में नेचुरल गैस का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल में आने वाले पाइप्ड गैस पीएनजी के दाम में भी कमी आ सकती है। 

Posted By: Ankit Kumar

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