नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। कर्ज के बोझ तले दबी निजी विमानन कंपनी जेट एयरवेज के पूर्व चेयरमैन नरेश गोयल ने कर्मचारियों के नाम एक भावुक पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कर्मचारियों के धैर्य की प्रशंसा करते हुए निवेशक मिलने तथा जेट एयरवेज के फिर से उड़ान भरने की उम्मीद जाहिर की है। पत्र में गोयल ने दावा किया है कि जेट एयरवेज का परिचालन जारी रखने के लिए उन्होंने हर संभव बलिदान दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि एसबीआइ की अगुआई वाले बैंकों के समूह की समाधान योजना कामयाब होगी और 10 मई तक कोई न कोई सफल बोलीदाता सामने आ जाएगा।

पुत्र निवाण गोयल की ओर से जेट के समस्त कर्मचारियों को भेजे गए पत्र में नरेश गोयल ने लिखा है, ‘नीता (अनीता गोयल) और मैं बेसब्री से यह उम्मीद बांधे हुए हैं कि 10 मई, 2019 तक बैंकों की समाधान योजना का कोई सकारात्मक परिणाम सामने आएगा। आप सबकी तरह हमारी भी यही शुभेच्छा है पिछले हफ्तों के काले बादलों और अंतहीन मुसीबतों के पीछे से तेज चमकता हुआ सूरज सामने आएगा। जेट एयरवेज के संस्थापक ने लिखा है कि एयरलाइन को अस्तित्व में बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने शेयरों के अलावा 250 करोड़ रुपये की राशि भी बैंकों को उपलब्ध कराई है। इसके बावजूद कर्मचारियों को उनकी गाढ़ी मेहनत से कमाई तनख्वाह नहीं मिलने से मुझे बहुत पीड़ा हो रही है।

अतीत को याद करते हुए गोयल ने लिखा है, ‘पिछले 25 वर्षो में प्रत्येक वर्ष पांच मई के दिन का हम सबके दिलों में विशेष स्थान रहा है। परंतु कल हमारी 26वीं सालगिरह का दिन सबसे दुखद था, जब कोई उड़ान नहीं हुई। यह संयोग ही है कि 18 अप्रैल, 1993 को जेट एयरवेज ने अपनी पहली उड़न मुंबई से प्रारंभ की थी। जबकि अस्थायी बंदी की घोषणा के साथ 18 अप्रैल, 2019 को तड़के एयरलाइन ने अमृतसर से मुंबई के बीच अपनी अंतिम उड़ान पूरी की।’

अभी ये हैं कतार में: जेट एयरवेज ने 18 अप्रैल की सुबह से अपनी सभी उड़ाने बंद करने का एलान किया था। कंपनी पर लगभग 8,500 करोड़ रुपये का कर्ज है। एसबीआइ की अगुआई वाला बैंकों का समूह इन दिनों कंपनी के लिए नया निवेशक तलाशने की प्रक्रिया में है। प्राइवेट इक्विटी फर्म टीपीजी कैपिटल के अलावा इंडिगो पार्टनर्स, नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एनआइआइएफ) और एतिहाद एयरवेज ने जेट एयरवेज में निवेश के लिए प्रारंभिक बोली लगाई है। इसके अलावा लंदन में स्टार्ट-अप एयरलाइन चलाने वाले एक निवेशक को भी बैंकों ने बोली लगाने की अनुमति दे दी है। इनसे 10 मई तक वित्तीय बोली देने को कहा गया है। कंपनी के कर्मचारियों का कंसोर्टियम भी बोली लगाने की कतार में है, जिसे निवेशक नहीं मिलने की सूरत में बोली लगाने को कहा गया है। कंपनी के नियमित यात्रियों के कंसोर्टियम ने भी बोली लगाने संबंधी प्रजेंटेशन बैंकों को दिया है। नरेश गोयल को आखिरी दिनों में एक-दो निवेशकों के प्रपत्र जमा करने की उम्मीद है। 

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Posted By: Praveen Dwivedi

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