नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क/एजेंसी)। संकटग्रस्त विमानन कंपनी जेट एयरवेज के चेयरमैन नरेश गोयल पद छोड़ने को तैयार हो गए हैं। एक सूत्र ने गुरुवार को कहा कि विमानन कंपनी के लिए एक राहत योजना बनाई गई है, जिसके तहत कर्जदाताओं की कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी हो जाएगी।

इस बारे में पूछने के लिए संपर्क करने पर जेट एयरवेज में कॉरपोरेट मामले और जनसंपर्क की वाइस प्रेसिडेंट रागिनी चोपड़ा ने कहा कि उन्हें इस घटनाक्रम के बारे में जानकारी नहीं है। वहीं सुबह के करीब साढ़े 10 बजे कंपनी के शेयर्स में तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर 4.24 फीसद की तेजी के साथ 232 रुपये प्रति शेयर के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

इससे एक दिन पहले कर्जदाताओं की गोयल और एतिहाद एयरवेज के सीईओ टोनी डगलस के साथ एक बैठक हुई थी। जेट एयरवेज की स्थापना 25 साल पहले गोयल ने की थी। मुंबई की इस फुल सर्विस कंपनी में खाड़ी देश की विमानन कंपनी एतिहाद एयरवेज की 24 फीसद हिस्सेदारी है। विमानन कंपनी वित्तीय संकट से गुजर रही है और वह अपने कर्ज का पुनर्गठन करने तथा फंड जुटाने की कोशिश में लगी हुई है। कंपनी को कर्ज देने वाले बैंकिंग कंसोर्टियम में भारतीय स्टेट बैंक मुख्य बैंक है।

जेट एयरवेज के बोर्ड ने 14 फरवरी को एक बैंक लेड प्रोविजनल रिजॉल्यूशन प्लान (बीएलपीआरपी) को मंजूरी दी थी, जिसके मुताबिक कर्जदाताओं की विमानन कंपनी में बहुमत हिस्सेदारी हो जाएगी। कंपनी के शेयरधारकों ने 21 फरवरी को हुई असाधारण आम बैठक (ईजीएम) में कर्ज को शेयर में बदलने तथा अन्य प्रस्तावों को मंजूरी दे दी थी। 

Posted By: Nitesh