पेट्रोल-डीजल के बाद अब गैस पर नई टेंशन! MGL ने खत्म की सभी सब्सिडी और सपोर्ट स्कीम; जनता के लिए क्यों है बुरी खबर?
MGL Subsidy Cut: महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने भू-राजनीतिक तनाव के कारण PNG और CNG पर अपनी सभी सपोर्ट स्कीम ...और पढ़ें
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MGL ने CNG-PNG पर सभी सब्सिडी और सपोर्ट स्कीम खत्म की। (फोटो AI जनरेटेड है।)
HighLights
MGL ने PNG, CNG की सभी सब्सिडी बंद की
भू-राजनीतिक तनाव को बताया मुख्य कारण
पाइपलाइन इंस्टॉलेशन, बिल सब्सिडी अब नहीं
नई दिल्ली|पिछले 10 दिनों में चौथी बार पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने (petrol diesel price hike) के बाद आम आदमी को एक और बड़ा झटका लगा है। मुंबई और आसपास के इलाकों में PNG और CNG सप्लाई देने वाली महानगर गैस लिमिटेड यानी एमजीएल (Mahanagar Gas subsidy ended) ने ग्राहकों को बड़ा झटका दिया है। कंपनी ने मौजूदा जियोपॉलिटिकल टेंशन और उसके असर का हवाला देते हुए अपनी सभी सपोर्ट स्कीम और सब्सिडी तत्काल प्रभाव से बंद करने का ऐलान कर दिया है।
महानगर गैस लिमिटेड ने क्या कहा?
कंपनी की तरफ से जारी नोटिस में कहा गया है कि,
चल रही जियोपॉलिटकल टेंशन की वजह से एमजीएल अब अपनी सपोर्ट स्कीम्स और सब्सिडी (MGL subsidy cut) जारी रखने की स्थिति में नहीं है। इसका सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा, जिन्हें अब तक पाइपलाइन इंस्टॉलेशन और बिल में राहत मिल रही थी।"
MGL ने साफ किया है कि अब पाइपलाइन बिछाने की लागत में मिलने वाली सहायता खत्म कर दी गई है। इसके साथ ही सेल्फ फंडेड इंस्टॉलेशन्स पर मिलने वाली मंथली बिल सब्सिडी (monthly bill subsidies) भी बंद कर दी गई हैं। यानी अब नए और कुछ मौजूदा ग्राहकों को पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च उठाना पड़ सकता है।
हालांकि कंपनी ने यह भी कहा है कि PNG और CNG की सप्लाई पहले की तरह जारी रहेगी और ग्राहकों को सुरक्षित और भरोसेमंद गैस सेवा देने के लिए वह प्रतिबद्ध है।
#MGLUpdate
— Mahanagar Gas Ltd. (@mahanagargas) May 25, 2026
Due to the ongoing geopolitical situation and its impact, MGL has been constrained to discontinue all support schemes and subsidies with immediate effect.
We understand how this may affect the customers, and we sincerely regret any inconvenience caused. MGL remains… pic.twitter.com/KIFzVolyNf
कंपनी बोली- मजबूरी में लेना पड़ा फैसला
MGL ने ग्राहकों से इस फैसले के लिए खेद जताया है। कंपनी का कहना है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के असर के चलते यह फैसला लेना मजबूरी बन गया। लेकिन इस ऐलान के बाद आम लोगों के घरेलू बजट पर दबाव बढ़ने की आशंका जरूर बढ़ गई है।
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