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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की तरह मलक्का स्ट्रेट पर भी लगेगा टोल? पूरी दुनिया की फूल जाएंगी सांसें! भारत पर भी असर होगा

Published: Tue, 07 Jul 2026 05:10 PM (IST)

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाद अब मलक्का स्ट्रेट पर भी टोल लगने की आशंका है, जिससे वैश्विक समुद्री व्यापार, खासकर ...और पढ़ें

मलक्का स्ट्रेट पर भी लगेगा टोल?

मलक्का स्ट्रेट पर भी लगेगा टोल? 

HighLights

  1. मलक्का स्ट्रेट पर टोल लगने की आशंका, वैश्विक चिंता बढ़ी।

  2. भारत के 60% समुद्री व्यापार पर सीधा प्रभाव।

  3. कच्चे तेल और दैनिक वस्तुओं की कीमतें बढ़ेंगी।

नई दिल्ली| स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ने पूरी दुनिया को समुद्री रास्ते की अहमियत से परिचय करवा दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के कारण होर्मुज प्रायद्वीप ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के परिवहन और सप्लाई चेन पर बुरा प्रभाव देखने को मिला। अब एक और खतरे की घंटी बज सकती है, जो होर्मुज से भी अधिक खतरनाक साबित होगी, खासतौर पर भारत के लिए। दरअसल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की तरह स्ट्रेट ऑफ मलक्का से गुजरने वाले जहाजों से भी टोल वसूलने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान और ओमान ने अमेरिका के सामने प्रस्ताव रखा है कि देश मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का प्रशासन संभाल सकते हैं साथ ही गुजरने वाले जहाजों से फीस भी ले सकते हैं। अब सवाल उठ रहा है कि क्या होर्मुज के बाद दुनिया के सबसे व्यस्त समुद्री रास्ते मलक्का स्ट्रेट पर भी जहाजों से टोल या शुल्क वसूला जा सकता है? आइए जानते हैं मलक्का समुद्री मार्ग को लेकर दुनियाभर की चिंताएं क्यों बढ़ गई हैं?

दुनिया के लिए कितना अहम है मलक्का स्ट्रेट?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की तरह ही मलक्का स्ट्रेट (Strait of Malacca) एक चोक पॉइंट है। ये हिंद महासागर और प्रशांत महासागर को जोड़ने वाला रास्ता है। यही वजह है कि एशिया और यूरोप के बीच होने वाला बड़ा समुद्री व्यापार इसी रास्ते से गुजरता है। दुनिया के कुल समुद्री व्यापार का 25% से 40% हिस्सा इसी रास्ते पर निर्भर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक हर साल 80,000 से 1,20,000 कार्गो यहां से गुजरते हैं। रोजाना औसतन 200 से 300 मालवाहक जहाज इस समुद्री रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। वहीं आंकड़ों की बात करें तो हर साल लगभग 3.5 ट्रिलियन डॉलर का सामान स्ट्रेट ऑफ मलक्का के रास्ते गुजरता है।

भारत के लिए कितना जरूरी रास्ता?

मलक्का स्ट्रेट को भारत के लिए बिजनेस की लाइफलाइन कहा जाता है। ये रास्ता समुद्र के रास्ते होने वाले भारत के व्यापार में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी रखता है। LNG के आयात के लिए ये सबसे जरूरी रास्ता माना जाता है। अब खबरों के अनुसार अगर स्ट्रेट ऑफ मलक्का में टोल लगता है या कोई अन्य रुकावट आती है तो भारत का समुद्री व्यापार बड़े पैमाने में प्रभावित होगा। साथ ही आयात बिल भी बढ़ जाएगा।

चीन की बढ़ी चिंता

इस रास्ते का असर भारत के साथ ही चीन पर बुरी तरह पड़ने की आशंका है। चीन अपनी जरूरत का करीब 80 प्रतिशत हिस्सा मलक्का स्ट्रेट के रास्ते आयात करता है। इस तेल की सालाना कीमत करीब 312 अरब डॉलर बताई जाती है। अगर मलक्का में किसी तरह की रुकावट आई तो चीन को ना सिर्फ व्यापारिक तौर पर बल्कि आर्थिक रूप से भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा।

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टोल लगा तो क्या असर होगा?

अब सबसे अहम सवाल ये है कि अगर वास्तव में स्ट्रेट ऑफ मलक्का में टोल लगना शुरू हुआ तो व्यापार बाधित होने के साथ और क्या समस्याएं देखने को मिलेंगी? इसका सबसे बड़ा असर तेल कंपनियों पर देखने को मिलेगा, क्योंकि शिपिंग चार्ज महंगा होगा जिसके बाद कच्चे तेल की कीमतों में और अधिक उछाल देखने को मिलेगा। कच्चे तेल की महंगाई के कारण पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, प्लास्टिक, केमिकल, हवाई यात्रा, ट्रांसपोर्ट और रोजमर्रा के कई सामान की कीमतें भी बढ़ जाती हैं। फिलहाल अभी तक मलक्का स्ट्रेट में कोई टोल नहीं लगाया जा रहा है।

 

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