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बस दो दिन और...फिर महंगे हो जाएंगे दूध, दही और पनीर; कितने और कहां बढ़ेंगे दाम?

By Jagran BusinessEdited By: Kashid Hussain
Published: Sun, 09 Aug 2026 11:34 AM (IST)

महाराष्ट्र में गाय और भैंस के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है, जो ...और पढ़ें

दूध, दही और पनीर होने जा रहा महंगा (AI फोटो)

दूध, दही और पनीर होने जा रहा महंगा (AI फोटो)

HighLights

  1. महाराष्ट्र में दूध की कीमतें 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ीं

  2. नई दरें 11 अगस्त, 2026 से होंगी प्रभावी

  3. बढ़ती लागत के कारण एसोसिएशन ने लिया फैसला

नई दिल्ली। महाराष्ट्र में गाय और भैंस के दूध की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। मिल्क प्रोड्यूसर्स एंड प्रोसेसर्स वेलफेयर एसोसिएशन के फैसले के बाद नई दरें 11 अगस्त, 2026 से लागू होंगी। एसोसिएशन के अनुसार, डीजल की कीमतें 10 रुपये प्रति लीटर बढ़ गई हैं, जबकि पैकेजिंग का खर्च लगभग 30 प्रतिशत बढ़ गया है।
दूध की खरीद कीमत भी बढ़ गई है। इसमें और बढ़ोतरी की उम्मीद है। बढ़ती लागत को देखते हुए एसोसिएशन ने दूध की बिक्री कीमत 2 रुपये प्रति लीटर और डेयरी उत्पादों (दही, पनीर आदि) की कीमतें 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का फैसला किया है।

नई कीमतें 11 अगस्त से लागू

एसोसिएशन ने बताया कि नई कीमतें 11 अगस्त से लागू होंगी। कीमतों में बढ़ोतरी से राज्य भर के ग्राहकों पर असर पड़ने की उम्मीद है, क्योंकि दूध उत्पादक और प्रोसेसर गाय और भैंस दोनों तरह के दूध के दाम बदल रहे हैं। यह फैसला दूध की कीमतों और डेयरी किसानों के हितों की रक्षा के उपायों पर चल रही बातचीत के बीच लिया गया है।
पिछले महीने सरकार ने संसद को बताया था कि दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य लागू करने का कोई प्रस्ताव नहीं है। सरकार ने यह भी कहा कि कीमतें बाजार की स्थितियों के आधार पर सहकारी समितियों और निजी डेयरियों द्वारा ही तय की जाती रहेंगी।

'एमएसपी तय करने का कोई प्रस्ताव नहीं'

लोकसभा में मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह (उर्फ ललन सिंह) ने कहा कि अभी दूध की कीमतें सहकारी समितियां और प्राइवेट डेयरियां तय करती हैं, और इस उत्पाद के लिए एमएसपी तय करने का कोई प्रस्ताव नहीं है।
मंत्री ने कहा कि सरकार डेयरी किसानों के हितों की रक्षा, दूध की कीमतों में स्थिरता, उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा और पूरे देश में क्वालिटी मॉनिटरिंग को मजबूत करने के लिए कई कदम उठा रही है।

36,283 नई डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटियां बनाई गई

सरकार ने कहा है कि ज्यादा दूध उत्पादकों को संगठित क्षेत्र में लाने के लिए मार्च 2026 तक गांव के स्तर पर 36,283 नई डेयरी कोऑपरेटिव सोसायटियां बनाई गई हैं और 31,150 सोसायटियों को मजबूत किया गया है।
साथ ही, रोजाना 168 लाख लीटर दूध ठंडा करने की क्षमता तैयार की गई है और 76,748 क्वालिटी टेस्टिंग डिवाइस बांटे गए हैं। रोजाना कुल 418 लाख लीटर दूध की प्रोसेसिंग और वैल्यू-एडिशन क्षमता वाले प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी गई है।

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