L&T को मिला ₹15000 करोड़ अल्ट्रा-मेगा ऑर्डर, बनाएगी उज्बेकिस्तान का नया इंटरनेशनल एयरपोर्ट; 4 प्रोजेक्ट से बरसेगा पैसा?
L&T Share Price: लार्सन एंड टुब्रो (L&T) को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में एक नया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने के ...और पढ़ें

HighLights
L&T को ताशकंद में नया एयरपोर्ट बनाने का ऑर्डर।
परियोजना की अनुमानित लागत ₹15,000 करोड़ से अधिक है।
उज्बेकिस्तान मध्य एशिया का प्रमुख विमानन केंद्र बनेगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश की सबसे बड़ी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी लार्स एंड टुब्रो (L&T) को उज्बेकिस्तान से बहुत बड़ा प्रोजेक्ट मिला है। एलएंडटी को उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद में एक नया और आधुनिक इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का ऑर्डर मिला है। कंपनी को इस अल्ट्रा-मेगा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के लिए शुरुआती काम शुरू करने की मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी आते ही कंपनी के शेयर में भी उछाल देखने को मिला। दोपहर 1.30 बजे तक एलएंडटी का शेयर 0.62% की तेजी के साथ 3,649 रुपए (L&T Share Price) के ऊपर कारोबार करता दिखा।
कितना बड़ा है प्रोजेक्ट?
यह प्रोजेक्ट अल्ट्रा-मेगा कैटेगरी का है। L&T के मानकों के अनुसार, इस प्रोजेक्ट की वैल्यू 15,000 करोड़ रुपए से ज्यादा की है। कंपनी को यह टेंडर उस PPP कंसोर्टियम से मिला है, जो इस नए ताशकंद इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Tashkent International Airport greenfield project) का विकास कर रहा है। एलएंडटी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एस साहा ने इस प्रोजेक्ट को कंपनी के ग्लोबल इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि बताया है। इस प्रोजेक्ट के तहत, L&T एक शानदार पैसेंजर टर्मिनल और उससे जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करेगी। यह नया एयरपोर्ट इतना बड़ा होगा कि यहां सालाना करीब 1.7 करोड़ यात्रियों को आसानी से संभाला जा सकेगा।
L&T क्या-क्या काम करेगी?
देश की दिग्गज कंपनी एलएंडटी के जिम्मे कई अहम काम होंगे।
- एयरपोर्ट के लिए जमीन को समतल करना (साइट ग्रेडिंग)
- सड़कों का जाल बिछाना
- स्ट्रक्चरल और आर्किटेक्चरल काम
- MEP (मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और प्लंबिंग) सेवाएं
- आधुनिक एयरपोर्ट सिस्टम्स की इंस्टॉलेशन
मंजूरी मिलने के बाद L&T ने शुरुआती इंजीनियरिंग, डिजाइनिंग, प्लानिंग और प्री-कंस्ट्रक्शन से जुड़े काम शुरू कर दिए हैं। कॉन्ट्रैक्ट की सभी शर्तें पूरी होने के बाद साइट पर मुख्य निर्माण कार्य (कंस्ट्रक्शन) शुरू हो जाएगा।
सेंट्रल एशिया का सबसे बड़ा एविएशन हब
नया ताशकंद इंटरनेशनल एयरपोर्ट उज्बेकिस्तान की एक महत्वाकांक्षी योजना है। इसका उद्देश्य उज्बेकिस्तान को ईस्ट, वेस्ट, नॉर्थ और साउथ को जोड़ने वाला एक प्रमुख एविएशन हब बनाना है। इसके जरिए यात्री और कार्गो दोनों तरह के ट्रैफिक को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे यह सेंट्रल एशिया का सबसे बड़ा एविएशन गेटवे बन सकेगा।
कंपनी को मिल चुके 4 बड़े प्रोजेक्ट
- उज्बेकिस्तान से बड़ा प्रोजेक्ट मिलने के बाद कंपनी के पास कुल 4 बड़े प्रोजेक्ट हो गए हैं। 30 सितंबर एलएंडी को दुबई के रोड्स एंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से दो प्रोजेक्ट मिले थे। इसके तहत कंपनी को सड़क, ब्रिज, टनल, इंटरचेंज और साइकिल ट्रैक बनाने का काम मिला है। ये दोनों ही प्रोजेक्ट साल 2028 तक पूरे करने का टारगेट है।
- इसके अलावा, 5 अक्टूबर को कंपनी को सऊदी अरब और यूएई से EPC ऑर्डर मिल चुके हैं। जिनकी वैल्यू ₹10,000 से 15,000 करोड़ रुपए है। प्रोजेक्ट के तहत कंपनी को ट्रांसमिशन लाइन, सबस्टेशन और केबलिंग का काम करना है।
- 7 अक्टूबर को कंपनी को झारखंड के चंद्रपुरा में 2x800 मेगावाट थर्मल पावर प्लांट के मेन प्लांट पैकेज के मंजूरी मिल गई है। प्रोजेक्ट के तहत एलएंडटी को बॉयलर, स्टीम टर्बाइन, जनरेटर और संबंधित उपकरणों की डिजाइनिंग, इंजीनियरिंग, सप्लाई और इंस्टॉलेशन का काम करना है। यह प्रोजेक्ट मेजर कैटेगिरी का है। जिसकी वैल्यू ₹5000 से 10,000 करोड़ रुपए है।
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