नई दिल्‍ली, आइएएनएस। LIC, Raymonds और कई दूसरी बड़ी कंपनियों के IPO शेयर बाजार में दस्‍तक देने की तैयारी में हैं। हालांकि रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई के कारण शेयरों बाजारों और दूसरे मार्केट की हालत खराब चल रही है। लेकिन इस पर भी लोगों का रुझान घटा नहीं है। निवेशक निवेश के लिए लगातार हाथ-पांव मार रहे हैं। क्‍योंकि वे जानते हैं अभी शेयर बाजार गिरे हैं और स्‍टॉक की कीमतें भी नीचे हैं। ऐसे में खरीदारी फायदा दे सकती है। अगर आप भी इस वक्‍त का फायदा लेना चाहते हैं तो उसके लिए बस Demat Khata जल्‍द से जल्‍द खोल लीजिए।

सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) ने कहा है कि उसके पास अब 6 करोड़ से अधिक (60 मिलियन) सक्रिय डीमैट खाते हैं। सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज (इंडिया) लिमिटेड (सीडीएसएल) भारत की एकमात्र सूचीबद्ध डिपॉजिटरी है। गौर करने वाली बात है कि नए डीमैट खातों के रजिस्‍ट्रेशन की चाल को देखकर लगता है कि इसमें अब महानगरों के बजाय टियर II और टियर III शहर के लोग ज्‍यादा रुचि ले रहे हैं।

CDSL के चेयरमैन बीवी चौबल ने कहा कि जबकि अब हम 6 करोड़ डीमैट खातों पर हैं, हमारे डीमैट खाते अभी भी भारत की पूरी आबादी का एक अंश पर हैं। यानि हमारे देश की आबादी का एक बड़ा हिस्सा अभी भी भारतीय प्रतिभूति बाजारों से दूर है, जिसका हमें फायदा लेना चाहिए। हमें उनको पूंजी बाजार से जोड़ने का बड़ा अवसर भुनाना चाहिए।

बाजार नियामक सेबी के होलटाइम मेंबर अनंत बरुआ ने कहा कि डीमैटीरियलाइजेशन फिजिकल शेयरों के कारण आ रही दिक्‍कतों को खत्‍म करने का एक उत्पाद है। Demat Khaton के आने से भारतीय प्रतिभूति बाजार (Indian security Markets) तक पहुंच सुरक्षित, सुविधाजनक और आसान हो गई है और नया मील का पत्थर उसी का प्रतिनिधित्व करता है। बरुआ ने कहा कि नए निवेशकों के बीच भारतीय प्रतिभूति बाजार, बाजार बुनियादी ढांचा संस्थानों की भूमिका और निवेशक संरक्षण के बारे में जागरूकता पैदा करने की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे सही फैसले लें।

Edited By: Ashish Deep

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