नई दिल्ली। टाटा ग्रुप के साथ जारी विवाद में साइरस मिस्त्री को पहला कानूनी झटका लगा है। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण ने बुधवार को साइरस मिस्त्री की वह अवमानना याचिका खारिज कर दी है जो उन्होंने टाटा संस के खिलाफ दायर की थी। राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण एक अर्ध-न्यायिक निकाय है कि कॉर्पोरेट शिकायतों का निपटारा करता है।

टाटा संस के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री ने पिछले हफ्ते टाटा समूह से निकाले जाने के फैसले के खिलाफ न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) का रुख किया था। आपको बता दें कि टाटा संस ने साइरस मिस्त्री को बोर्ड से निकालने के लिए 6 फरवरी को एक असाधारण आम बैठक बुलाई है। एक तीखे बोर्डरूम विवाद के बाद बीते साल 24 अक्टूबर को साइरस मिस्त्री को टाटा संस के चेयरमैन पद से हटा दिया गया था। लेकिन अब भी वो निदेशक बने हुए हैं।

नटराजन चंद्रशेखर को बनाया गया टाटा संस का नया चेयरमैन:
बीते हफ्ते नटराजन चंद्रशेखर को टाटा संस का नया चेयरमैन बनाया गया था और मंगलवार को उन्हें टाटा मोटर्स का चेयरमैन भी नियुक्त कर दिया गया। मंगलवार को टाटा ग्रुप की ओर से हुए इस बड़े फैसले पर टाटा मोटर्स ने कहा, “कंपनी के निदेशक मंडल ने नटराजन चंद्रशेखरन को तत्काल प्रभाव से बोर्ड में अतिरिक्त निदेशक और चेयरमैन नियुक्त किया है।” गौरतलब है कि टाटा संस ने कुछ दिन पहले ही एन चंद्रशेखरन को चेयरमैन नियुक्त किया था जो कि 21 फरवरी के कामकाज संभालेंगे।

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