नई दिल्ली (जेएनएन)। देश की बिजली और सड़क निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनी लांको इंफ्राटेक पहली ऐसी कंपनी है जो दिवालिएपन की स्थिति का सामना कर रही है। यह हाल ही में चिन्हित किए गए 12 खाताधारकों में से एक कंपनी है, जिनके पास कुल एनपीए के 25 फीसद हिस्से की देनदारी है। यह फैसला किया गया है कि इन बकाएदारों से पैसा वसूलने के लिए दिवालियापन न्यायालयों में एक संकल्प पेश किया जाएगा। जानकारी के लिए बता दें कि लांकों पूर्व कांग्रेसी सांसद एल मधुसूदन राव की कंपनी है।

भारतीय रिजर्व बैंक ने आईडीबीआई बैंक को लोन वसूलने के लिए दिवालिया प्रक्रिया शुरु करने के निर्देश दिए हैं। इस खबर के बाद लांको इंफ्राटेक के शेयर में गिरावट देखने को मिल रही है।

लांको इंफ्राटेक का बीएसई पर कैसा रहा प्रदर्शन
करीब 2.45 बजे बीएसई पर लांको इंफ्राटेक 9.57 फीसद की कमजोरी के साथ 1.70 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। इसका दिन का उच्चतम 1.76 और निम्नतम 1.70, जो कि 52 हफ्तों का भी निम्नतम रहा है। वहीं, इसका 52 हफ्तों का उच्चतम 5.61 का स्तर रहा है।

लांको इंफ्राटेक उन 12 कंपनियों में से एक है जिसे आरबीआई ने एनपीए की सूची में शामिल किया था। इनसे लोन रिकवरी के लिए केंद्रीय बैंक ने इंसोलवेसी और बैंकरप्सी कोड के तहत कार्रवाई शुरू करने की बात कही थी।

लांको इंफ्राटेक पर 17 हजार करोड़ रुपये का कर्ज
कंपनी पर कुल कर्ज 17,000 करोड़ रूपये है। आरबीआई ने जिन 12 कंपनियों की पहचान की है उनमें अधिकांश इस्पात कंपनियां हैं। आपको बता दें कि भूषण स्टील (44,885 करोड़ रुपए), एस्सार स्टील (37,284 करोड़ रुपए), भूषण पावर एंड स्टील (37,248 करोड़ रुपए), आलोक इंडस्ट्रीज (22,075 करोड़ रुपए), एमटेक ऑटो (14,074 करोड़ रुपए) मोनेट इस्पात (12,115 करोड़ रुपए) पर कर्ज हैं।

Posted By: Praveen Dwivedi

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