नई दिल्ली (सुरभि जैन)। भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार के सत्र में रिकॉर्ड हाई छुआ। सेंसेक्स ने 33151 का और निफ्टी ने 10,355 का उच्चतम स्तर छुआ है। बाजार की इस तेजी को भुनाने के लिए तमाम कंपनियां अपने आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) पेश कर रही हैं। आगामी दिनों में महिंद्रा लॉजिस्टिक्स 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक और एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस 7 नवंबर से 9 नवंबर तक आवेदन के लिए आईपीओ खोला जा रहा है। अबतक जीआईसी रे और रिलायंस निप्पॉन लाइफ एएमसी अपना आईपीओ बाजार में पेश कर चुकी हैं। जीआईसी रे बीते सात वर्षों में कोल इंडिया (15,200 करोड़ रुपए) और रिलायंस पावर (11,700 करोड़ रुपए) के बाद का तीसरा सबसे बड़ा आईपीओ था।

अगले महीने खुलेंगे ये दो आईपीओ
महिंद्रा एंड महिंद्रा की सब्सिडियरी कंपनी महिंद्रा लॉजिस्टिक्स 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक के लिए आईपीओ पेश करेगी। वहीं, एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस का आईपीओ 7 नवंबर से 9 नवंबर तक खुला रहेगा। महिंद्रा लॉजिस्टिक्स की आईपीओ के जरिए करीब 830 करोड़ रुपये जुटाने योजना है। इस इश्यू के लिए महिंद्रा लॉजिस्टिक्स ने 425 रुपये से 429 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी ने अपनी फाइलिंग में बताया है कि योग्य कर्मचारियों को 42 रुपये प्रति शेयर का डिस्काउंट दिया जाएगा।

वहीं दूसरी ओर एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ दूसरी बीमा कंपनी है, जो बाजार से रकम जुटाने के लिए आईपीओ पेश कर रही है। मर्चेंट बैंकिंग सूत्रों के मुताबिक कंपनी की आईपीओ के जरिए हिस्सेदारी बेचकर 7500 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। फिलहाल आईपीओ के लिए प्राइस बैंड के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई है।

GIC Re और रिलायंस निप्पॉन लाइफ एएमसी के IPO को मिली अच्छी प्रतिक्रिया
जीआईसी री का आईपीओ 11 अक्टूबर के 13 अक्टूबर तक खुला था। इस दौरान यह 1.38 गुना सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी ने आईपीओ के लिए 855 से 912 रुपये का प्राइस बैंड तय किया था। वहीं, रिलायंस निप्पॉन लाइफ एएमसी का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 25 अक्टूबर को खुल गया है। यह पहले ही दिन पूरा सब्सक्राइब हो गया। यह 27 अक्टूबर तक खुला रहेगा। कंपनी ने इसके लिए 247 रुपये से 252 रुपये का प्राइस बैंड तय किया है। इसके जरिए कंपनी की योजना 2000 करोड़ रुपये जुटाने की है।

भारतीय कंपनियों ने IPO के जरिए जुटाए 27 हजार करोड़ रुपए
चालू वित्त वर्ष के पहले छह महीने में भारतीय कंपनियों ने आइपीओ के जरिये रिकॉर्ड 27,000 करोड़ रुपये की पूंजी जुटाई। इसके अलावा न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी और एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस जैसी करीब दर्जन भर कंपनियां 35,000 करोड़ रुपये के पब्लिक इश्यू लाने की तैयारी में हैं।

इस दौरान इंश्योरेंस, हेल्थकेयर, शिक्षा, बैंक, केबल टीवी और शिपिंग सेक्टर की कंपनियों के आइपीओ लॉन्च हुए हैं। स्टॉक एक्सचेंज से मिले नवीनतम आंकड़ों के मुताबिक चालू वित्त वर्ष में अप्रैल से सितंबर के बीच कुल 19 कंपनियों ने आइपीओ से 26,720 करोड़ रुपये जुटाए। पिछले साल इसी अवधि में 15 कंपनियों ने पब्लिक इश्यू से 16,535 करोड़ रुपये जुटाए थे। किसी वित्त वर्ष के पहले छह महीनों में आइपीओ से सबसे ज्यादा रकम 2007-08 में जुटाई गई थी। उस समय कंपनियों ने आइपीओ से रिकॉर्ड 21,244 करोड़ रुपये जुटाए थे।

क्या करें निवेशक
एस्कॉर्ट सिक्योरिटी के हेड (रिसर्च) आसिफ इकबाल के मुताबिक बाजार में तेजी का फायदा कंपनियां उठा रही हैं। इसलिए हाल के दिनों में तमाम कंपनियों की ओर से आईपीओ लाए गए हैं। इनमें इंश्योरेंस सेक्टर से जुड़े आईपीओ बाजार में लॉन्च किये जा रहे हैं। ऐसे में अगर निवेश इस क्षेत्र के शेयर्स में निवेश करना चाहते हैं तो लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ी कंपनियों में निवेश करें। जनरल इश्योंरेस जैसे कि मोटर इंश्योरेंस और जीआईसी रे से बचें। जनरल इंश्योरेंस ज्यादा स्टैबल नहीं है। इनमें एसेट लायबिलिटी मैच करना थोड़ा मुश्किल है। लेकिन लाइफ इंश्योरेंस (आईसीआईसीआई प्रू, एसबीआई लाइफ या एचडीएफसी स्टैंडर्ड लाइफ इंश्योरेंस जो आने वाला है) में निवेश करना बेहतर है। लाइफ इंश्योरेंस लोग 15 से 20 वर्षों के लिए लेते हैं।

Posted By: Surbhi Jain

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