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तेल कंपनियों से किंगफिशर को मिली एनओसी

वित्तीय संकट से जूझ रही किंगफिशर एयरलाइंस को 'तिनके' का सहारा मिला है। तेल और विमान पट्टे पर देने वाली कुछ कंपनियों ने अनापत्ति प्रमाण दे दिया है। एक वरिष्ठ रेगुलेटरी ने बुधवार को बताया कि वित्तीय संकट के कारण अस्थायी रूप से विमान सेवा स्थगित होने के बाद किंगफिशर को एक अच्छी खुशखबरी मिली है।

By Edited By: Published: Wed, 16 Jan 2013 12:54 PM (IST)Updated: Mon, 30 Mar 2015 06:40 PM (IST)

नई दिल्ली। वित्तीय संकट से जूझ रही किंगफिशर एयरलाइंस को 'तिनके' का सहारा मिला है। तेल और विमान पट्टे पर देने वाली कुछ कंपनियों ने अनापत्ति प्रमाण दे दिया है।

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एक वरिष्ठ रेगुलेटरी ने बुधवार को बताया कि वित्तीय संकट के कारण अस्थायी रूप से विमान सेवा स्थगित होने के बाद किंगफिशर को एक अच्छी खुशखबरी मिली है। तेल कंपनियों और विमान पट्टे पर देने वाली कंपनियों ने उसे एनओसी दे दिया है।

इस खबर से किंगफिशर के शेयर में छह प्रतिशत की उछाल देखी गई है। मालूम हो कि खराब वित्तीय हालत के कारण कंपनी की उड़ान अक्टूबर 2012 की शुरुआत से ही बंद पड़े हैं। डीजीसीए ने कंपनी का उड़ान लाइसेंस 31 दिसंबर को रद्द कर दिया था।

किंगफिशर पर बैंक, स्टाफ, वेंडर और अन्य का सैकड़ों करोड़ बकाया है। कंपनी ने हाल ही में डीजीसीए को 650 करोड़ रुपये के निवेश की जानकारी दी थी, लेकिन वह इससे संतुष्ट नहीं है।


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