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1 नवंबर से ₹8 लीटर महंगा होगा दूध, उत्पादक किसानों को हर लीटर में मिलेगा ₹7 का फायदा, कहां बढ़ेंगे दाम?

Published: Fri, 30 Oct 2026 01:44 PM (IST)Updated: Fri, 30 Oct 2026 01:59 PM (IST)

दूध की कीमतें 1 नवंबर से ₹8 प्रति लीटर बढ़ जाएंगी, जिससे यह ₹54 प्रति लीटर हो जाएगा। इस बढ़ोतरी ...और पढ़ें

दूध की कीमतों में उछाल

दूध की कीमतों में उछाल

HighLights

  1. नंदिनी दूध 1 नवंबर से ₹8 प्रति लीटर महंगा।

  2. बढ़ी कीमत का ₹7 सीधे किसानों को मिलेगा।

  3. पशु आहार और उत्पादन लागत बढ़ने से दाम बढ़े।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में इन दिनों दूध की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। महाराष्ट्र में तो एक झटके में दूध की कीमत ₹100 प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर गई। इसके अलावा तमिलनाडु में भी दूध की कीमतों में अच्छा उछाल देखने को मिला है। अब 1 नवंबर से एक बार फिर दूध की कीमतों में बढ़ोतरी होने जा रही है।

कर्नाटक मिल्क फेडरेशन (KMF) ने अपने नंदिनी ब्रांड के दूध की कीमतों में ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी करने की घोषणा की है। नई दरें 1 नवंबर से लागू होंगी। कीमतों में बढ़ोतरी का बड़ा हिस्सा दूध उत्पादक किसानों को मिलेगा। रिपोर्ट्स से मिली जानकारी के मुताबिक बढ़ाए गए ₹8 में से ₹7 रुपये किसानों को दिए जाएंगे, जबकि एक रुपया केएमएफ के पास जाएगा। डेयरी सहकारी समितियां उत्पादन लागत में बढ़ोतरी और कर्नाटक में किसानों को मिलने वाली दूध की कीमतों साथ ही पड़ोसी राज्यों की दरों के बीच बढ़ते अंतर से जूझ रही हैं।

अब कितने में मिलेगा दूध?

दूध की कीमतों में एक झटके में ₹8 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इस बढ़ोतरी के बाद नंदिनी दूध का दाम ₹46 से बढ़कर ₹54 प्रति लीटर हो जाएगा। बता दें कि नंदिनी दूध की कीमतों में हाल के सालों में यह पांचवीं बढ़ोतरी होगी। इससे पहले नवंबर 2022 में प्रति लीटर ₹3, जुलाई 2023 में ₹3, जून 2024 में ₹2 और मार्च 2025 में ₹4 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। बढ़ोतरी की यह घोषणा कर्नाटक विधान परिषद चुनाव के नतीजे घोषित होने के एक दिन बाद हुई है। चुनाव से पहले राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू थी।

क्यों बढ़ रहे हैं दूध के दाम

पिछले कुछ महीनों में कई राज्यों ने दूध की कीमतों में भारी-भरकम बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसका सबसे बड़ा कारण दूध की उत्पादन लागत बढ़ना है। कई एक्सपर्ट्स के मुताबिक मक्के और सोयाबीन का इंडस्ट्रियल यूज बढ़ने के कारण इसके दाम बढ़े हैं, जिसके कारण पशु आहार की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। इसके साथ ही हरे और सूखे चारे की कीमत ने भी पशु पालकों की लागत बढ़ाई है।

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दूध की कीमत में बढ़ोतरी के साथ ही संबंधित संस्थाओं का ये तर्क भी रहता है कि इससे दुग्ध उत्पादकों की बढ़ती लागत को कम किया जा सकेगा, साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। प्रति लीटर ₹8 की बढ़ोतरी में से ₹7 रुपये दुग्ध उत्पादक किसानों को दिए जाएंगे, जबकि एक रुपया केएमएफ के पास जाएगा। नई दरें 1 नवंबर से राज्य में लागू होंगी।