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कौन थे नमक नगरी बसाने वाले कपिल राम वकील, 100 साल पहले बंजर जमीन में देखा सफेद सोना; टाटा ग्रुप इनका आभारी

Published: Mon, 28 Sep 2026 12:41 PM (IST)

कपिल राम वकील भारत के शुरुआती केमिकल इंजीनियरों में से एक थे, जिन्होंने देश को आयोडीन नमक दिया और गुजरात ...और पढ़ें

कपिल राम वकील (इमेज सोर्स- टाटा केमिकल)

कपिल राम वकील (इमेज सोर्स- टाटा केमिकल)

HighLights

  1. कपिल राम वकील भारत के शुरुआती और प्रमुख केमिकल इंजीनियरों में से एक थे।

  2. उन्होंने देश को आयोडीन नमक दिया और मीठापुर को नमक नगरी को बसाया।

  3. 'ओखा सॉल्ट वर्क्स' की शुरुआत की और फिर टाटा केमिकल्स की नींव रखी।

नई दिल्ली। भारत में ऐसे कई कुशल इंजीनियर हुए जिन्होंने देश के निर्माण में अपना बड़ा योगदान दिया। कपिल राम वकील, उन्हीं लोगों में से एक रहे। वह भारत के शुरुआती और सबसे प्रमुख केमिकल इंजीनियरों में से एक थे जिन्होंने देश को आयोडीन नमक दिया और नमक नगरी की स्थापना की। दरअसल, कपिल राम वकील (Kapil Ram Vakil) का टाटा केमिकल्स (Tata Chemicals) की स्थापना में बेहद अहम योगदान रहा है।

कपिल राम वकील ने आज से करीब 100 साल पहले इंग्लैंड से केमिकल इंजीनियरिंग पढ़ाई की थी और वे देश के शुरुआती केमिकल इंजीनियरों में गिने जाते हैं।

नमक उद्योग में कैसे कमाया नाम?

कपिल राम वकील की आज से 106 साल पहले सन 1920 में गुजरात के ओखामंडल पर नजर पड़ी, जहां नमक उत्पादन को लेकर अपार संभावनाएं दिखीं। इसके बाद उन्होंने बड़ौदा के तत्कालीन महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ की मदद से उन्होंने 1927 में 'ओखा सॉल्ट वर्क्स' की शुरुआत की।

मीठापुर को बनाया नमक नगरी

केमिकल इंजीनियर कपिल राम वकील को गुजरात में स्थित मीठापुर (Mithapur) शहर की नींव रखने का मुख्य श्रेय दिया जाता है। कपिल राम वकील ने इस बंजर और शुष्क इलाके में 'ओखा सॉल्ट वर्क्स' की शुरुआत की और नमक का उत्पादन शुरू किया। नमक उद्योग के कारण इस जगह का नाम 'मीठापुर' (नमक का शहर, नमक नगरी) पड़ गया।

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आज मीठापुर को मुख्य रूप से नमक और उससे जुड़े रसायन उद्योग के लिए ही जाना जाता है। खास बात है कि टाटा नमक का जन्मस्थान मीठापुर ही है, जहां पहला ब्रांडेड आयोडाइज्ड नमक तैयार किया गया, इसलिए भारत के नमक उद्योग में इस शहर का स्थान सबसे खास है।

कब हुई टाटा ग्रुप की एंट्री?

'ओखा सॉल्ट वर्क्स' की स्थापना के कुछ साल बाद कपिल राम वकील, सोडा ऐश प्लांट लगाकर कंपनी का विस्तार करना चाहते थे, लेकिन पैसों की कमी के कारण ऐसा संभव होता नहीं दिखा तब उन्होंने टाटा समूह से संपर्क किया। टाटा ग्रुप ने कपिल राम वकील के प्लान को समझा और सहमति दे दी।

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इस साझेदारी के साथ ही 1939 में टाटा केमिकल्स की नींव रखी गई। टाटा केमिकल्स की स्थापना के बाद, कपिल राम वकील ने लंबे समय तक इसके निदेशक के रूप में काम किया। आज की तारीख में मीठापुर को नमक और उससे जुड़े रसायन उद्योगके लिए ही जाना जाता है।