नई दिल्ली, पीटीआइ। रिटेलर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (RAI) ने बुधवार को कहा कि महाराष्ट्र में कोविड-19 की वजह से लंबे समय से मॉल बंद होने से करीब दो लाख लोगों के रोजगार पर असर पड़ा है। संगठन ने राज्य सरकार को जरूरी उपायों के साथ मॉल्स को खोलने की अनुमति देने का आग्रह किया है। RAI की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि मॉल के बंद से इस पर निर्भर पूरे इकोसिस्टम पर काफी गंभीर प्रभाव देखने को मिला है। यह ना सिर्फ बिजनेसेज को नुकसान पहुंचा रहा है बल्कि इससे वहां काम करने वालों लोगों की आजीविका भी प्रभावित हो रही है।

रिटेलर्स के संगठन ने कहा है, ''महाराष्ट्र में एक अनुमान के मुताबिक 50 मॉल हैं। लंबे समय से बंदी से इन पर गंभीर असर देखने को मिला है। इन मॉल्स में दो लाख से ज्यादा लोग काम करते हैं। इससे करीब 40,000 करोड़ रुपये का बिजनेस होता है और 4,000 करोड़ रुपये का जीएसटी एकत्र होता है।''

RAI ने कहा है, "इसने मॉल से संबंधित सभी तरह व्यवसायों को भी प्रभावित किया है - औसतन, एक मॉल में 200 खुदरा स्टोर संचालित होते हैं और 5,000 से अधिक व्यावसायिक संस्थाएं सप्लायर और सेलर के रूप में इससे जुड़ी होती हैं। मॉल्स को रिस्टार्ट करने से पूरे इकोसिस्टम को बनाए रखने में मदद मिलती है।"

इन परिस्थितियों के बारे में RAI के सीईओ कुमार राजगोपालन ने कहा, ''यह बहुत अहम है कि महाराष्ट्र सरकार मॉल्स और शॉपिंग सेंटर जैसे औपचारिक रिटेल स्पेस को फिर से खोलने पर पुनर्विचार करे क्योंकि ये उल्लेखनीय आर्थिक गतिविधियों के केंद्र होते हैं।''

दिल्ली और हरियाणा सरकार ने मॉल्स और अन्य बाजारों को दोबारा खोलकर एक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने कहा, ''हम महाराष्ट्र की सरकार से ऐसा करने का आग्रह करते हैं।''

राजगोपालन ने कहा कि इससे ना सिर्फ नौकरियों को बचाने में मदद मिलेगी बल्कि लोगों को शॉपिंग के लिए सेफ और साफ-सुथरी जगह मिलेगी।

Edited By: Ankit Kumar