नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। विमानन मंत्री सुरेश प्रभु ने वित्तीय संकट से जूझ रही निजी क्षेत्र की विमानन कंपनी जेट एयरवेज को कहा है कि सरकार उसे किसी प्रकार का राहत पैकेज नहीं देगी। उन्होंने कहा कि कंपनी का निदेशक मंडल और उसका प्रबंधन मौजूदा बाजार परिस्थितियों के अनुरुप उपाय करे और यह सुनिश्चित करे कि एयरलाइन का संचालन उचित ढंग से चलता रहे।

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, मंत्रालय ने एयरपोर्ट संचालकों को पेमेंट करने के लिए जेट एयरवेज की ओर से कुछ और समय मांगे जाने के संबंध में उसके आग्रह के मामले में भी दखल नहीं देने का निर्णय लिया है। जेट एयरवेज के लिए संभावित राहत पैकेज के बारे में पूछे जाने पर प्रभु ने कहा कि नियंत्रण मुक्त और उदारीकरण के इस माहौल में मंत्रालय की कोशिश किसी एक समूचे क्षेत्र से जुड़े मुद्दों के समाधान की होती है।

प्रभु ने जेट एयरवेज का नाम लिए बिना कहा कि किसी निजी विमानन कंपनी के लिए सुचारू संचालन सुनिश्चित करना उसके निदेशक मंडल एवं उसके प्रबंधन का काम है। उन्हें ही समय-समय पर बाजार की उभरती परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने होते हैं।

नागर विमानन सचिव आर.एन.चौबे ने कहा कि जेट एयरवेज ने एयरपोर्ट संचालकों को भुगतान करने के लिए कुछ और समय की मांग की है। हालांकि, यह ऐसा मुद्दा है जिसे दो निकायों के बीच व्यावसायिक तरीके से सुलझाया जाना चाहिए।

चौबे ने कहा कि एयरलाइन और एयरपोर्ट परिचालक के बीच के कमर्शियल मामलों में हम लिप्त नहीं होते हैं। यह काम व्यावसायिक तरीके से दोनों इकाइयों के बीच तय होना चाहिए। 

Posted By: Nitesh