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ईशा अंबानी की कंपनी ब्लिंकिट, फ्लिपकार्ट को टक्कर देने डार्क स्टोर्स पर लगा रही बड़ा दांव; 3 साल में प्रॉफिट होगा डबल!

Published: Sun, 19 Jul 2026 06:08 PM (IST)

मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की कंपनी रिलायंस रिटेल अगले तीन सालों में अपने ऑनलाइन बिज़नेस को तेज़ी से ...और पढ़ें

रिलायंस रिटेल का ऑनलाइन विस्तार: जियोमार्ट और डार्क स्टोर्स से दोगुना होगा मुनाफा

रिलायंस रिटेल का ऑनलाइन विस्तार: जियोमार्ट और डार्क स्टोर्स से दोगुना होगा मुनाफा

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नई दिल्ली। मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की कंपनी, रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL), अगले तीन सालों में अपने ऑनलाइन बिज़नेस को तेज़ी से बढ़ाने की योजना बना रही है। कंपनी जियोमार्ट (JioMart) को मज़बूत करने, डार्क स्टोर्स की संख्या बढ़ाने और अपनी ओमनी-चैनल क्षमताओं को और बेहतर बनाने पर ध्यान देगी। कंपनी का मानना है कि इन निवेशों से आने वाले सालों में मुनाफ़े और रेवेन्यू में बढ़ोतरी होगी।

तिमाही नतीजों की घोषणा के बाद तीन साल का रोडमैप बताते हुए, कंपनी के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) दिनेश तलुजा ने कहा कि कंपनी जियोमार्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर इसकी ओमनीचैनल पहुंच को बेहतर बनाने में निवेश करेगी। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि टेक्नोलॉजी और डार्क स्टोर्स में निवेश की वजह से मार्जिन पर दबाव है। उन्होंने कहा, "हम इस साल अपने ऑनलाइन बिज़नेस को तेज़ी से बढ़ाने की योजना बना रहे हैं। हम अपने डार्क स्टोर्स का विस्तार करेंगे, अपने ओमनीचैनल प्लेटफ़ॉर्म को बेहतर बनाएंगे और JioMart की ग्रोथ को तेज़ करेंगे।"

उन्होंने कहा कि कंपनी हर मार्केट में पॉज़िटिव 'यूनिट इकोनॉमिक्स' (हर यूनिट पर मुनाफ़ा) पर ध्यान दे रही है। यूनिट इकोनॉमिक्स वह प्रोसेस है जिससे यह पता चलता है कि कोई कंपनी एक आइटम बेचकर कितना कमाती है या कितना नुकसान उठाती है। उन्होंने आगे कहा कि हर मार्केट के मूल्यांकन के आधार पर इन्वेस्टमेंट की रणनीतियां बनाई जा रही हैं। इसके अलावा, प्रोडक्ट की उपलब्धता, डिलीवरी की स्पीड और सर्विस की भरोसेमंदता में भी सुधार किया जाएगा।

तालुजा के अनुसार, कंपनी का लक्ष्य है कि वह 2027-28 और 2028-29 के फाइनेंशियल ईयर तक अपने मौजूदा विस्तार को बेहतर वैल्यू में बदले। इसे हासिल करने के लिए, बार-बार खरीदारी और औसत ट्रांज़ैक्शन वैल्यू को बढ़ाने पर ध्यान दिया जाएगा। कंपनी ने अगले तीन सालों में अपनी ऑपरेटिंग प्री-टैक्स कमाई को दोगुना करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि इस साल किए जा रहे निवेश से अगले दो सालों में बेहतर मार्जिन और मज़बूत कैश फ़्लो के रूप में फ़ायदा होगा। इसके अलावा, प्राइवेट ब्रांड्स की हिस्सेदारी बढ़ाकर, मार्केटप्लेस से ज़्यादा रेवेन्यू हासिल करके और ऑपरेशनल क्षमता में सुधार करके मुनाफ़ा बढ़ाया जाएगा।

तालुजा ने कहा कि कंपनी का ध्यान सिर्फ़ ऑर्डर की संख्या बढ़ाने पर नहीं, बल्कि बिज़नेस की क्वालिटी बेहतर करने पर होगा। उन्होंने यह भी बताया कि ओमनी-चैनल स्ट्रैटेजी के अच्छे नतीजे मिल रहे हैं; जो ग्राहक ऑनलाइन और ऑफ़लाइन दोनों चैनलों से खरीदारी करते हैं, वे सिर्फ़ ऑफ़लाइन खरीदारी करने वाले ग्राहकों की तुलना में औसतन 2.7 गुना ज़्यादा खर्च करते हैं। साथ ही, उनके खर्च में सालाना 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई है।

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