Insurance सेक्टर में होगा बड़ा बदलाव, अब सस्ता मिलेगा बीमा; कमीशन से लेकर बिक्री तक बदलेंगे कई नियम
Insurance Rule Changes: भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) बीमा क्षेत्र में बड़े बदलाव करने जा रहा है, जिसका ...और पढ़ें

Insurance सेक्टर में होगा बड़ा बदलाव
HighLights
एजेंटों का अपफ्रंट कमीशन अब 'स्टैगर्ड मॉडल' में बदलेगा।
बैंकों द्वारा लोन के साथ जबरन बीमा बेचना प्रतिबंधित होगा।
बीमा वेबसाइटों पर 'डार्क पैटर्न' के इस्तेमाल पर रोक लगेगी।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली: बीमा (Insurance) खरीदने वालों के लिए बेहद शानदार और राहत भरी खबर है। भारतीय बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) देशों के इंश्योरेंस सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव करने जा रही है। इसका साधी मकसद ग्राहकों को मिस-सेलिंग से बचाना और भारी-भरकम वितरण लागत को कम करके बीमा को सस्ता बनाना है।
एजेंटों के 'अपफ्रंट कमीशन' पर चलेगी कैंची
अभी तक बीमा कंपनियों में पहले साल का प्रीमियम आते ही एजेंटों को 30% से 40% तक का भारी-भरकम 'अपफ्रंट कमीशन' (Upfront Commission) मिल जाता था। अब IRDAI इस सिस्टम को खत्म कर इसे 'स्टैगर्ड मॉडल' (Staggered Model) में बदलने जा रहा है। यानी अब कमीशन एक साथ नहीं, बल्कि पॉलिसी की पूरी अवधि (Lifecycle) के दौरान किश्तों में दिया जाएगा। इससे एजेंट केवल पॉलिसी बेचने पर फोकस करने के बजाय ग्राहक को लंबे समय तक सर्विस देने पर ध्यान देंगे।
बैंकों की जबरदस्ती (Forced Bundling) होगी बैन
अक्सर देखा जाता है कि जब आप कार लोन या होम लोन लेने बैंक जाते हैं, तो बैंक कर्मचारी शर्त रख देते हैं कि लोन तभी पास होगा जब आप उनकी पार्टनर कंपनी का महंगा बीमा खरीदेंगे। IRDAI अब क्रेडिट के साथ बीमा की इस अनिवार्य बंडलिंग (Coercive Selling) पर पूरी तरह से बैन लगाने जा रहा है।
एजेंट और डिस्ट्रीब्यूटर के कमीशन का तरीका बदल सकता है
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक कमीशन केवल प्रीमियम की रकम के आधार पर तय करने के बजाय बीमा उत्पाद की जटिलता, ग्राहक को दी जाने वाली सर्विस, बिक्री के प्रयास और डिस्ट्रिब्यूशन चैनल जैसे पहलुओं से जोड़ने का प्रस्ताव रखा गया है।
वहीं नियामक ने बताया कि वित्त वर्ष 2023 से 2025 के बीच एक सैंपल में कॉरपोरेट एजेंटों से जुड़े नए कारोबार का प्रीमियम 28% बढ़कर 63,000 करोड़ से 80,000 करोड़ रुपये हुआ, जबकि कुल वितरक भुगतान 125% बढ़कर 9,580 करोड़ से 21,600 करोड़ रुपये हो गया है।
बिना पर्सनल इन्फों के देख सकेंगे बीमा
IRDAI ने बीमा वेबसाइटों पर इस्तेमाल होने वाले तथाकथित 'डार्क पैटर्न' पर भी रोक लगाने का प्रस्ताव रखा है। बता दें कि किसी बीमा उत्पाद की कीमत या फीचर्स देखने से पहले ग्राहक से मोबाइल नंबर या दूसरी निजी जानकारी मांगने पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा।
