महंगा पड़ा ईरान पर हमला, 7 दिन में फूंक डाले 11 अरब डॉलर, अब मदद के लिए गिड़गिड़ाए ट्रंप और मांगे 18 लाख करोड़
ईरान पर अमेरिकी हमले का वित्तीय बोझ बढ़ रहा है, जो अब 20वें दिन में है। पेंटागन ने युद्ध के ...और पढ़ें

अमेरिका ने 28 फरवरी को किया था ईरान पर हमला
HighLights
अमेरिकी रक्षा विभाग ने पेंटागन ने युद्ध के लिए 200 अरब डॉलर मांगे।
ईरान के साथ जंग में पहले सप्ताह में 11.3 अरब डॉलर का खर्च हुआ।
सांसदों से डोनल्ड ट्रंप को फंडिंग में विरोध का सामना करना पड़ सकता है।
नई दिल्ली। ईरान के खिलाफ (Iran-America War) जारी जंग अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के लिए शायद सिरदर्द बनती जा रही है। 19 मार्च को यह जंग 20वें दिन में पहुंच गई है। युद्ध में दोनों देशों को नुकसान हुआ है लेकिन ईरान को कितना हुआ यह साफ नहीं है हालांकि अमेरिका पर युद्ध का असर दिखने लगा है। क्योंकि, अमेरिकी अखबार वाशिंगटन पोस्ट में एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के हवाले से दावा किया गया है कि अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने व्हाइट हाउस से ईरान में चल रहे युद्ध के वित्तपोषण के लिए यूएस कांग्रेस से 200 अरब डॉलर (18 लाख करोड़ रुये) से अधिक के अनुरोध को मंजूरी देने के लिए कहा है। इससे पता चलता है कि जंग में बहुत तेजी से पैसा खर्च हो रहा है।
लेकिन, जंग के लिए 200 बिलियन डॉलर मिलना ट्रंप के लिए आसान नहीं है। क्योंकि, इस अनुरोध को सांसदों, विशेष रूप से युद्ध के विरोधियों से प्रतिरोध का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, अमेरिकी सैन्य खर्च के पैमाने और स्थिरता को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
रक्षा विभाग ने सीनेटर्स से क्या कहा?
पेंटागन ने सांसदों को बताया कि अमेरिका ने ईरान पर अपने सैन्य हमले के पहले ही सप्ताह में 11.3 अरब डॉलर (1 लाख करोड़ रुपये) खर्च किए, जो यह बताता है कि युद्ध में पैसा कितनी तेजी से खर्च हो रहा है। हैरानी की बात है कि इस आंकड़े में केवल प्रारंभिक हमलों में इस्तेमाल किए गए गोला-बारूद की लागत शामिल है, जबकि सैनिकों की तैनाती, रसद और चल रहे अभियानों जैसे व्यापक खर्च शामिल नहीं हैं, जिससे पता चलता है कि कुल लागत पहले से ही काफी अधिक है।
यह खर्च 28 फरवरी से शुरू हुए ईरान पर अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद हुआ और यह हाल के वर्षों में किसी सैन्य अभियान के सबसे महंगे शुरुआती चरणों में से एक को दर्शाता है।
युद्ध में खर्च हुई इस राशि ने घरेलू जरुरतों की तुलना में लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हैरान करने वाली बात है कि पहले सप्ताह में जंग में खर्च हुई 11.3 अरब डॉलर की रकम कई प्रमुख अमेरिकी एजेंसियों के वार्षिक बजट से ज्यादा हैं, जिनमें पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (8.8 अरब डॉलर), रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (9.2 अरब डॉलर) और राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (7.4 अरब डॉलर) शामिल हैं।
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द गार्जियन की एक रिपोर्ट के अनुसार, कुछ सांसदों ने अतिरिक्त धन की आवश्यकता का विरोध करते हुए तर्क दिया है कि रक्षा विभाग, जिसका वार्षिक बजट पहले से ही 900 अरब डॉलर से अधिक है, के पास पर्याप्त संसाधन हैं। डेमोक्रेटिक सीनेटर एडम शिफ ने एनबीसी से बातचीत में कहा, "सेना के पास इस संघर्ष के लिए आवश्यक सभी धनराशि है।"
