चीन के खिलाफ भारत ने बैठाई जांंच, निर्यात से हो रही तगड़ी कमाई पर ड्रैगन को लगने वाली है बड़ी चोट!
भारत ने चीन से एथिल क्लोरोफॉर्मेट के आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू की है। घरेलू निर्माताओं ने आरोप लगाया है ...और पढ़ें

चीन के खिलाफ भारत ने बैठाई जांंच, निर्यात से हो रही तगड़ी कमाई पर ड्रैगन को लगने वाली है बड़ी चोट!
HighLights
भारत ने चीन के खिलाफ एंटी-डंपिंग जांच शुरू की।
एथिल क्लोरोफॉर्मेट के सस्ते आयात पर हो रही है जांच।
घरेलू निर्माताओं को चीनी उत्पादों से भारी नुकसान।
नई दिल्ली। ईरान युद्ध के बीच चीन को भारत से बड़ा झटका लग सकता है। दरअसल, ड्रैगन के खिलाभ भारत ने एक जांच शुरू की है। इस जांच का असर चीन के निर्यात पर पड़ सकता है।
हिंदुस्तान ने भारत ने मंगलवार को चीन से एथिल क्लोरोफॉर्मेट के आयात पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू कर दी। दरअसल, भारत के घरेलू निर्माताओं ने आरोप लगाया था कि चीन से आयात होने वाले फार्मास्यूटिकल और एग्रोकेमिकल उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले एथिल क्लोरोफॉर्मेट को कम कीमतों पर बेचा जा रहा है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चीन की वजह से घरेलू निर्माताओं को हो रहा नुकसान
केंद्रीय व्यापार मंत्रालय के तहत आने वाले व्यापार उपचार महानिदेशालय (The Directorate General of Trade Remedies) ने बताया कि उसने 'पौषक' (पोषक लिमिटेड भारत में फॉस्जीन-आधारित स्पेशलिटी केमिकल्स का सबसे बड़ा निर्माता है) के एक आवेदन के बाद यह जांच शुरू की है। इस आवेदन में आरोप लगाया गया था कि चीन से होने वाले आयात के कारण घरेलू निर्माताओं को "काफी नुकसान" पहुंचा है।
चीनी स्टील पर लगा था तीन साल के लिए आयात शुल्क
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत ने सस्ते चीनी उत्पादों पर रोक लगाने की कोशिश में दिसंबर 2025 में कुछ स्टील आयात पर 11% से 13% का तीन साल का आयात शुल्क लगाया था।
एथिल क्लोरोफॉर्मेट एक ऑर्गेनिक केमिकल इंटरमीडिएट है, जिसका इस्तेमाल दवा और एग्रोकेमिकल बनाने में बड़े पैमाने पर किया जाता है। यह चीन से बड़े मात्रा में आयात होता है। घरेलू निर्मताओं का आरोप है कि चीन से आयात हुए एथिल क्लोरोफॉर्मेट बहुत सस्ती कीमत पर मिलता है, जिससे उन्हें नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जांच में हुई डंपिंग की पुष्टि तो लग सकता है आयात शुल्क
व्यापार विश्लेषकों ने कहा कि अगर डंपिंग की पुष्टि हो जाती है, तो इस जांच के परिणामस्वरूप आयात शुल्क लग सकता है, जिससे दवा निर्माताओं और एग्रोकेमिकल कंपनियों की लागत बढ़ सकती है, जबकि स्थानीय उत्पादकों को सुरक्षा मिल सकती है।
एक बयान में, DGTR ने कहा कि वह इस बात की जांच करेगा कि क्या इस उत्पाद की भारतीय बाजार में डंपिंग की जा रही थी और क्या घरेलू उत्पादकों को कथित नुकसान की भरपाई के लिए एंटी-डंपिंग शुल्क लगाना जरूरी था।
