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युद्ध या आपदा में भी नहीं रुकेगी ईंधन की सप्लाई, भारत ने UAE से की बड़ी डील! 100 अरब डॉलर के इन्वेस्टमेंट का प्लान

Published: Mon, 28 Sep 2026 05:54 PM (IST)

केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि यूएई भारत में जल्द ही 25 अरब डॉलर का नया निवेश करेगा, जिससे ...और पढ़ें

यूएई ने भारत के ईंधन क्षेत्र में बड़े निवेश की तैयारी की (AI Image)

यूएई ने भारत के ईंधन क्षेत्र में बड़े निवेश की तैयारी की (AI Image)

HighLights

  1. यूएई भारत में 25 अरब डॉलर का नया निवेश करेगा।

  2. ऊर्जा सुरक्षा हेतु रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार पर सहयोग बढ़ेगा।

  3. LPG, LNG आपूर्ति और गैस पाइपलाइन पर भी काम होगा।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| भारत इन दिनों लगातार अपने व्यारिक रिश्तों को मजबूती दे रहा है और देश में नए-नए इन्वेस्टमेंट लाने का प्रयास कर रहा है। अब केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने एक और खुशखबरी दी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त अरब अमीरात (UAE) भारत में जल्द ही 25 अरब डॉलर का नया निवेश कर सकता है। इसके साथ ही दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार, LPG, LNG और समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइन जैसी परियोजनाओं पर भी काम कर रहे हैं।

100 अरब डॉलर के निवेश की तैयारी

मुंबई में आयोजित भारत-यूएई इन्वेस्टमेंट टास्क फोर्स की 14वीं बैठक के बाद पीयूष गोयल ने कहा कि UAE अब तक भारत में 25 अरब डॉलर का निवेश कर चुका है। अब उसने निकट भविष्य में 25 अरब डॉलर और निवेश करने की इच्छा जताई है। दोनों देशों का लक्ष्य भविष्य में यूएई के कुल निवेश को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है।

ऊर्जा सुरक्षा के लिए नए सहयोग के रास्ते

पीयूष गोयल ने आगे कहा कि UAE भारत का भरोसेमंद साझेदार है और दोनों देश ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में नए सहयोग के अवसर तलाश रहे हैं। भारत में रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserves) के विस्तार में संयुक्त अरब अमीरात की भागीदारी बढ़ाने पर स्टडी चल रही है।

उन्होंने आगे कहा कि इस क्षेत्र में UAE से निवेश में रिकॉर्ड बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार किसी भी आपात स्थिति या वैश्विक आपूर्ति संकट के दौरान देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

LPG और LNG सप्लाई बढ़ाने पर चर्चा

भारत UAE को LPG (रसोई गैस) और LNG के बड़े आपूर्तिकर्ता के रूप में विकसित करने की संभावनाएं भी तलाश रहा है। इसके लिए दोनों देशों के बीच ऊर्जा व्यापार बढ़ाने पर बातचीत जारी है।

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत और यूएई समुद्र के नीचे गैस पाइपलाइन (Subsea Pipeline) बिछाने की संभावना का भी स्टडी कर रहे हैं। इस तरह की पाइपलाइन के जरिए गैस का परिवहन किया जा सकेगा और भारत में गैस भंडारण क्षमता को भी मजबूत किया जा सकेगा।

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उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य भारत की ऊर्जा आपूर्ति को अधिक सुरक्षित, स्थिर और संकटों के प्रति लचीला बनाना है। पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा बाजार की अनिश्चितताओं के बीच यह पहल भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।