थोक महंगाई 9.68% पर पहुंची, पिछले महीने के मुकाबले ईंधन और बिजली सबसे ज्यादा महंगी
वाणिज्य मंत्रालय ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की नई सीरीज जारी की है, जिसमें आधार वर्ष 2022-23 किया गया है। ...और पढ़ें

DPIIT ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़े जारी कर दिए हैं।
HighLights
WPI का आधार वर्ष 2011-12 से बदलकर 2022-23 किया गया।
मई 2026 में थोक महंगाई 9.68% पर पहुंची, ईंधन महंगा।
नई सीरीज में नवीकरणीय ऊर्जा, परमाणु बिजली भी शामिल।
नई दिल्ली। भारत सरकार के वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के तहत 'उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग' (DPIIT) ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) के आंकड़े जारी कर दिए हैं। मई 2026 के लिए थोक महंगाई पिछले महीने की तुलना में बढ़कर 9.68% हो गई है। यह आंकड़े नई सीरीज के तहत जारी किए गए हैं। इस नई सीरीज में, आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है।
मई 2026 में थोक महंगाई की स्थिति
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मई 2026 में सालाना थोक महंगाई दर 9.68% दर्ज की गई, जबकि अप्रैल 2026 में यह 8.26% थी। इस बढ़ोतरी का मुख्य कारण ईंधन, बिजली और मिनरल ऑयल की कीमतों में तेजी है।
प्रमुख समूहों में महंगाई की स्थिति (मई 2026)
| समूह | महंगाई दर (YoY %) |
|---|---|
| सभी वस्तुएं | 9.68% |
| प्राथमिक वस्तुएं | 4.99% |
| ईंधन और बिजली | 30.33% |
| विनिर्मित उत्पाद | 7.48% |
| खाद्य सूचकांक | 4.49% |
नई WPI सीरीज की मुख्य विशेषताएं
सरकार ने अर्थव्यवस्था के बदलते स्वरूप को देखते हुए WPI बास्केट में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं जिनमें
- नई सीरीज में वस्तुओं की कुल संख्या 697 से बढ़ाकर 957 कर दी गई है।
- पहली बार बिजली समूह के तहत सौर (Solar) और पवन (Wind) ऊर्जा जैसे नए स्रोतों को शामिल किया गया है। साथ ही परमाणु बिजली को भी बास्केट में जगह मिली है।
- कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को अब 'प्राथमिक वस्तुओं' से हटाकर 'ईंधन और बिजली' समूह में शामिल किया गया है।
- वजन (Weights) तय करने के लिए अब 'ग्रॉस वैल्यू ऑफ आउटपुट' (GVO) का उपयोग किया गया है, जो घरेलू उत्पादन को अधिक सटीक रूप से दर्शाता है।
WPI से PPI की ओर बढ़ता भारत
वैश्विक मानकों और IMF की सिफारिशों को अपनाते हुए, सरकार अब प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) की शुरुआत कर रही है। अगले पांच वर्षों तक WPI और PPI दोनों जारी किए जाएंगे, जिसके बाद WPI को बंद कर दिया जाएगा। पहले चरण में सात प्रमुख सेवाओं के लिए 'सर्विस PPI' जारी किया गया है, जिनमें बैंकिंग, बीमा, दूरसंचार, रेलवे और विमानन (यात्री) शामिल हैं।
पुरानी सीरीज (2011-12) को नई सीरीज (2022-23) से जोड़ने के लिए सरकार ने लिंकिंग फैक्टर भी जारी किया है। 'सभी वस्तुओं' के लिए यह फैक्टर 1.53 निर्धारित किया गया है।
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सोर्स: DPIIT
