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अगस्त में भारत की बेरोजगारी दर 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंची, ग्रामीण रोजगार में सुधार

Published: Tue, 15 Sep 2026 05:59 PM (IST)

अगस्त में भारत की बेरोजगारी दर छह महीने के निचले स्तर 5 प्रतिशत पर आ गई, जो जुलाई में 5.1 ...और पढ़ें

अगस्त में बेरोजगारी दर घटकर 6 महीने के निचले स्तर 5% पर आई।

अगस्त में बेरोजगारी दर घटकर 6 महीने के निचले स्तर 5% पर आई।

HighLights

  1. अगस्त में बेरोजगारी दर घटकर 6 महीने के निचले स्तर 5% पर आई।

  2. ग्रामीण इलाकों में रोजगार की स्थिति में महत्वपूर्ण सुधार दर्ज किया गया।

  3. महिला कामकाजी भागीदारी दर में भी सुधार हुआ, जो एक सकारात्मक संकेत है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। मंगलवार 15 सितंबर को अगस्त के बेरोजगारी दर के आंकड़े जरी हुए। अगस्त में बेरोजगारी दर घटकर पिछले 6 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गई। अगस्त में भारत की बेरोजगारी दर जुलाई के 5.1 प्रतिशत से घटकर छह महीने के निचले स्तर 5 प्रतिशत (Unemployment Rate) पर आ गई।

बेरोजगारी दर में आई इस गिरावच की मुख्य वजह ग्रामीण इलाकों में रोजगार की स्थिति में सुधार है। ग्रामीण इलाकों में रोजगार की स्थिति में सुधार ने शहरी भारत में आई मामूली गिरावट की भरपाई कर दी।

शहर में बढ़ी बेरोजगारी दर, गांव में घटी

नेशनल स्टैटिस्टिक्स ऑफिस के डेटा के मुताबिक, जुलाई में ग्रामीण बेरोजगारी 4.5% से घटकर 4.1% हो गई, जो जनवरी के बाद से सबसे कम है, जबकि शहरी बेरोजगारी 6.7% से बढ़कर 6.8% हो गई।

सरकार के जारी किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार, 15 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों के लिए बेरोजगारी दर फरवरी 2026 के बाद सबसे कम 4.9 प्रतिशत थी।

अगस्त में वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो (कामकाजी आबादी का अनुपात) अगस्त में बढ़कर 52.8% हो गया, जो जुलाई में 52.5% था। यह मार्च 2026 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है। ग्रामीण इलाकों में वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 55.8 प्रतिशत हो गया, जबकि शहरी रेश्यो 47 प्रतिशत पर ही बना रहा।

महिलाओं की कामकाजी भागीदारी में सुधार

महिलाओं की कामकाजी भागीदारी में भी सुधार हुआ और कुल दर जुलाई के 34.4% से बढ़कर 34.8% हो गई। ग्रामीण महिलाओं की LFPR (कामकाजी आबादी की भागीदारी दर) 38.8% से बढ़कर 39.4% हो गई, जबकि शहरी महिलाओं की भागीदारी मोटे तौर पर 25.4% पर स्थिर रही।

ये आंकड़े भारत के 'पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वे' के तहत 'करंट वीकली स्टेटस' (मौजूदा साप्ताहिक स्थिति) के आधार पर हैं। इस सर्वे में देश भर के 3,70,160 लोग शामिल थे, जिनमें से 2,11,353 ग्रामीण इलाकों से और 1,58,807 शहरी इलाकों से थे।

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