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विदेशी पर्यटकों से भारत में जमकर बढ़ी विदेशी मुद्रा, 2768310000000 रुपये तक पहुंचा रिकॉर्ड; GDP में 5.22% योगदान

By IANSEdited By: Ashish Kushwaha
Published: Sat, 26 Sep 2026 08:04 PM (IST)

पर्यटन क्षेत्र की विदेशी मुद्रा आय 2,76,831 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। यह क्षेत्र 2023-24 में देश की जीडीपी ...और पढ़ें

भारत में पर्यटन क्षेत्र का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, विदेशी मुद्रा आय और जीडीपी योगदान में भारी उछाल

भारत में पर्यटन क्षेत्र का रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन, विदेशी मुद्रा आय और जीडीपी योगदान में भारी उछाल

HighLights

  1. 2025 तक विदेशी मुद्रा आय 2,76,831 करोड़ रुपये पहुंची।

  2. पर्यटन ने जीडीपी में 5.22% और 8.46 करोड़ रोजगार दिए।

  3. ई-वीजा, डिजिटल प्लेटफॉर्म से पर्यटन को बढ़ावा मिला।

एजेंसी, नई दिल्ली| सरकार द्वारा शनिवार को जारी एक फैक्टशीट के अनुसार, वर्ष 2025 में देश में घरेलू पर्यटक यात्राओं की संख्या बढ़कर 428.55 करोड़ पहुंच गई, जबकि विदेशी पर्यटक यात्राएं बढ़कर 2.53 करोड़ हो गईं। इसी अवधि में पर्यटन क्षेत्र से होने वाली विदेशी मुद्रा आय बढ़कर 2,76,831 करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

फैक्टशीट के अनुसार, 2023-24 में पर्यटन क्षेत्र का भारत की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस क्षेत्र ने देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 5.22 प्रतिशत का योगदान दिया और 8.46 करोड़ रोजगारों का समर्थन किया। इससे स्पष्ट है कि पर्यटन केवल यात्रा और आतिथ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह देश की आर्थिक गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है।

विश्व पर्यटन दिवस 2026 से पहले जारी इस फैक्टशीट में कहा गया है कि भारत डिजिटल पर्यटन इकोसिस्टम को मजबूत करने पर लगातार काम कर रहा है। ई-वीजा सुविधा, इन्क्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म और निधि+ जैसी पहलें पर्यटन क्षेत्र को अधिक आधुनिक और सुगम बना रही हैं। वहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर्यटकों को अधिक व्यक्तिगत और सहज यात्रा अनुभव प्रदान करने में मदद कर रहा है।

फैक्टशीट के अनुसार, डिजिटल नवाचार के साथ-साथ स्वदेश दर्शन 2.0, प्रसाद, क्रूज पर्यटन और पर्यटन कौशल विकास कार्यक्रम जैसे प्रयास भी नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने, यात्रियों के अनुभवों को बेहतर बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

वैश्विक स्तर पर भी पर्यटन क्षेत्र का महत्व लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में यात्रा और पर्यटन उद्योग का वैश्विक अर्थव्यवस्था में योगदान 10.9 ट्रिलियन डॉलर रहा, जो वैश्विक जीडीपी का लगभग 10 प्रतिशत है। इसी क्षेत्र ने दुनिया भर में 35.7 करोड़ रोजगारों का समर्थन किया और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के खर्च के रूप में 1.9 ट्रिलियन डॉलर की आय उत्पन्न की।

भारत में पर्यटन क्षेत्र के आर्थिक योगदान का आकलन टूरिज्म सैटेलाइट अकाउंट (टीएसए) के माध्यम से किया जाता है। यह एक आधिकारिक लेखांकन ढांचा है, जिसका उपयोग पर्यटन क्षेत्र के प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष आर्थिक प्रभावों को मापने के लिए किया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए भारत ने यात्रा प्रक्रिया को लगातार सरल बनाया है। वर्ष 2014 में 43 देशों के नागरिकों के लिए शुरू की गई ई-वीजा सुविधा का दायरा अब बढ़कर 172 देशों तक पहुंच चुका है। वर्तमान में भारत में प्रवेश के लिए 88 अंतरराष्ट्रीय प्रवेश बिंदु उपलब्ध हैं, जिनमें 37 हवाई अड्डे, 38 समुद्री बंदरगाह और 13 भूमि सीमा बिंदु शामिल हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, भारत द्वारा जारी किए जाने वाले कुल वीजा में लगभग 78 प्रतिशत वीजा ई-वीजा के रूप में जारी किए जाते हैं। इसके अलावा, लगभग 95 प्रतिशत ई-वीजा आवेदनों का निपटारा 72 घंटे के भीतर कर दिया जाता है, जिससे विदेशी पर्यटकों के लिए यात्रा और अधिक सुविधाजनक बन गई है।

फैक्टशीट में यह भी बताया गया है कि इन्क्रेडिबल इंडिया डिजिटल प्लेटफॉर्म को नए स्वरूप में विकसित किया गया है। यह प्लेटफॉर्म भारत की सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक स्थलों, साहसिक पर्यटन, खानपान, वेलनेस, कला एवं शिल्प तथा ग्रामीण पर्यटन से जुड़े वर्चुअल अनुभव प्रदान करता है। इसमें शामिल एआई-आधारित टूल वास्तविक समय की मौसम जानकारी, शहरों की खोज और अन्य आवश्यक यात्रा सेवाओं के माध्यम से पर्यटकों को व्यक्तिगत अनुभव उपलब्ध कराता है।

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