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चावल के प्रोडक्ट्स को विदेशों में बेचकर पैसा छापने की तैयारी! BIRC से पहले राइस इंडस्ट्री का मास्टर प्लान रेडी

Published: Wed, 30 Sep 2026 08:36 PM (IST)

भारतीय चावल उद्योग कच्चे अनाज के निर्यात से आगे बढ़कर वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स के बड़े बाजार का लाभ उठाने की ...और पढ़ें

चावल के प्रोडक्ट्स से कमाई की तैयारी

चावल के प्रोडक्ट्स से कमाई की तैयारी

HighLights

  1. चावल उद्योग कच्चे अनाज से वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स की ओर बढ़ रहा है।

  2. BIRC 2026 में चावल से कमाई के नए रास्तों पर चर्चा होगी।

  3. चावल नूडल्स, तेल, प्रोटीन, सिलिका उत्पादों का बाजार तेजी से बढ़ रहा है।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| आज के समय में वैल्यू एडिशन किसानों की कमाई का सबसे अच्छा जरिया बनता जा रहा है। भारत का चावल उद्योग कच्चे अनाज के एक्सपोर्ट से आगे बढ़कर चावल से बने नूडल्स, खाद्य तेल, प्रोटीन, खास फूड आयटम्स और इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स के बढ़ते बाजार का फायदा उठाने की कोशिश कर रहा है। एक नए औद्योगिक आकलन (Industrial Assessment) में ऐसे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट्स की पहचान की जाएगी जिनसे सबसे बड़े कॉमर्शियल मौके मिल सकते हैं।

चावल से निकलेगा कमाई का रास्ता

23-25 अक्टूबर को नई दिल्ली में होने वाले 'भारत अंतरराष्ट्रीय चावल सम्मेलन (BIRC) 2026' में ‘‘कच्चे चावल से आगे: अगली अरबों डॉलर की कमाई का मौका’’ टाइटल सेशन में इन संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। आयोजकों ने एक बयान में कहा कि यह सेशन IREF-EY के उस एसेसमेंट के साथ खत्म होगा जिसमें ऐसे उत्पादों की पहचान की जाएगी जो बाजार की मांग, मार्जिन, इन्वेस्टमेंट की जरूरत और निर्यात की संभावनाओं का सबसे अच्छा संयोजन पेश करते हैं।

चावल के प्रोडक्ट्स का बढ़ता बाजार

'ग्रैंड व्यू रिसर्च' के अनुसार, यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब चावल से बने कई प्रोडक्ट्स के लिए अंतर्राष्ट्रीय बाजार बढ़ रहा है। ग्लोबल चावल-नूडल बाजार के वर्ष 2024 में 6.4 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 11 अरब डॉलर होने का अनुमान है, जबकि चावल भूसी तेल बाजार के साल 2023 के 4.8 अरब डॉलर से बढ़कर 2030 तक 6.3 अरब डॉलर होने का अनुमान है।

भारत के पास चावल भूसी तेल के उत्पादन को बढ़ाने की भी काफी गुंजाइश है। नीति आयोग की 2024 की एक रिपोर्ट में संभावित उत्पादन का अनुमान 19 लाख टन लगाया गया था, जिसमें लगभग 8,50,000 टन की ऐसी क्षमता शामिल है जिसका अभी इस्तेमाल नहीं हुआ है। रिसर्च के अनुसार, ग्लोबल चावल-प्रोटीन बाजार के वर्ष 2023 के 16.85 करोड़ डॉलर से बढ़कर 2030 तक 28.14 करोड़ डॉलर होने का अनुमान है।

चावल के आटे पर भी होगी चर्चा

BIRC सम्मेलन में चावल के आटे और ‘फंक्शनल स्टार्च’ के साथ-साथ चावल प्रोटीन पर भी चर्चा की जाएगी, जिसमें प्रोसेस्ड की जरूरतों, ग्राहकों की जरूरतों और कॉमर्शियल रूप से फायदेमंद प्रोडक्शन पर ध्यान दिया जाएगा। ये मौके सिर्फ खाने-पीने की चीजों तक ही सीमित नहीं हैं।

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ग्रैंड व्यू रिसर्च के अनुसार, चावल की भूसी की राख से बनने वाले सिलिका का वैश्विक बाजार वर्ष 2025 के लगभग 64.06 करोड़ डॉलर से बढ़कर वर्ष 2033 तक 1.41 अरब डॉलर से ज्यादा होने का अनुमान है। साल 2025 में इस बाजार की कमाई में रबड़ और टायर का हिस्सा लगभग 40 प्रतिशत था। गुडइयर ने साल 2025 में घोषणा की कि वह अपने यूरोपीय ट्रक-रेसिंग टायरों में चावल की भूसी की बेकार राख से बनी सिलिका का इस्तेमाल कर रही है।