कभी पुर्जे-पुर्जे के लिए चीन पर निर्भर था भारत! अब अमेरिका-यूरोप की AI Industry को बेचे 48.3 करोड़ डॉलर का ऑप्टिकल फाइबर
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में वैश्विक निवेश से भारत के ऑप्टिकल फाइबर उद्योग को बड़ा फायदा मिल रहा है। डेटा सेंटर और ...और पढ़ें

भारत का OFC निर्यात 158 प्रतिशत बढ़ा (AI Image)
HighLights
AI निवेश से ऑप्टिकल फाइबर निर्यात में 158% की वृद्धि।
अमेरिका बना भारतीय ऑप्टिकल फाइबर का सबसे बड़ा खरीदार।
डेटा सेंटर, 5G नेटवर्क से बढ़ रही ऑप्टिकल फाइबर मांग।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के लिए दुनिया भर में बढ़ते निवेश का फायदा अब भारत के ऑप्टिकल फाइबर इंडस्ट्री को भी मिल रहा है। डेटा सेंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल नेटवर्क के विस्तार के कारण ऑप्टिकल फाइबर, फाइबर बंडल और केबल की मांग तेजी से बढ़ी है। इसका असर भारत के एक्सपोर्ट पर भी दिख रहा है। फाइनेंशियल एक्सप्रेस 2026-27 में अप्रैल से अगस्त के दौरान इन प्रोडक्ट्स का निर्यात सालाना आधार पर 158 फीसदी बढ़ा और 48.3 करोड़ डॉलर पहुंच गया।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, ग्लोबल लेवल पर डेटा सेंटर बनाने और डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत करने की होड़ से भारतीय मैन्युफैक्चरर के लिए नए अवसर पैदा हो रहे हैं। AI इंडस्ट्री में सेमीकंडक्टर और सर्वर की मांग पर ज्यादा चर्चा होती है, लेकिन इन टेक्नोलॉजी को काम करने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा ट्रांसफर करने वाले ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की भी जरूरत होती है।
अमेरिका बना सबसे बड़ा खरीदार
अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच भारत के ऑप्टिकल फाइबर, फाइबर बंडल और केबल के एक्सपोर्ट में अमेरिका सबसे बड़ा बाजार रहा। इस अवधि में अमेरिका ने भारत से 26.67 करोड़ डॉलर के इन प्रोडक्ट का इंपोर्ट किया। यह भारत के कुल इंपोर्ट के आधे से भी ज्यादा है। चीन 5.24 करोड़ डॉलर के आयात के साथ दूसरे स्थान पर रहा। इसके बाद पोलैंड में 2.28 करोड़ डॉलर और वियतनाम में 2.26 करोड़ डॉलर के उत्पादों का निर्यात किया गया।
जापान, कनाडा और इटली भी भारतीय प्रोडक्ट के प्रमुख बाजारों में शामिल रहे। इसके अलावा भारत से ब्रिटेन, जर्मनी, ब्राजील, मोरक्को, मलेशिया, संयुक्त अरब अमीरात और मैक्सिको जैसे देशों को भी इन उत्पादों की सप्लाई की गई।
डेटा सेंटर और 5G नेटवर्क से बढ़ रही मांग
AI मॉडल को ट्रेंड करने और उनसे जुड़े कामकाज के लिए बड़ी मात्रा में डेटा का तेजी से एक्सचेंज करना पड़ता है। इसके लिए बड़े डेटा सेंटर और उनके बीच मजबूत कम्युनिकेशन नेटवर्क की जरूरत होती है। ऑप्टिकल फाइबर इन नेटवर्क का अहम हिस्सा है, क्योंकि इसके जरिए लंबी दूरी तक बड़ी मात्रा में डेटा तेजी से भेजा जा सकता है।
दुनिया भर में हाइपरस्केल डेटा सेंटर का निर्माण, ब्रॉडबैंड नेटवर्क का विस्तार, 5G सर्विस की बढ़ती पहुंच और घरों तक फाइबर इंटरनेट कनेक्शन पहुंचाने की कोशिशों से ऑप्टिकल फाइबर और केबल की मांग बढ़ रही है।
इसका फायदा उन भारतीय कंपनियों को मिल सकता है जो डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए जरूरी उपकरण और कनेक्टिविटी प्रोडक्ट बनाती हैं। यानी AI में बढ़ते इन्वेस्टमेंट का असर केवल सॉफ्टवेयर, चिप और सर्वर तक सीमित नहीं है, बल्कि उन इंडस्ट्रियल सेक्टर तक भी पहुंच रहा है जो इस पूरी व्यवस्था के लिए जरूरी बुनियादी ढांचा तैयार करते हैं।
भारतीय इंडस्ट्री के लिए क्यों अहम है यह मौका?
भारत के ऑप्टिकल फाइबर निर्यात में तेज बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि देश की विनिर्माण कंपनियां वैश्विक डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की आपूर्ति श्रृंखला में अपनी भूमिका बढ़ा सकती हैं। अमेरिका जैसे बड़े बाजार में तेज मांग भारतीय प्रोडक्ट के लिए महत्वपूर्ण है।
वहीं, यूरोप, एशिया, मध्य पूर्व और लैटिन अमेरिका के बाजारों में एक्सपोर्ट से कारोबार के विस्तार की संभावनाएं भी बनती हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बिजनेस में पैदा हुई समस्याओं के बीच AI से जुड़ा इन्वेस्ट कई इंडस्ट्रियल प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ी है।
