चीन समेत पड़ोसी देशों में निवेश के नियम बदले! सरकार ने जारी की नई SOP, 100% पेपरलेस हुई आवेदन प्रक्रिया
उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के लिए नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी ...और पढ़ें

नई दिल्ली। उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआइआइटी) ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (एफडीआइ) को लेकर नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। नई एसओपी के अनुसार, सरकार अब एफडीआइ से जुड़े सभी आवेदनों का 12 सप्ताह में निपटान किया जाएगा। इसमें वह समय शामिल नहीं है जो आवेदक प्रस्तावों में कमियों को दूर करने या सक्षम अधिकारी द्वारा मांगी गई अतिरिक्त जानकारी देने में लगाते हैं। 2017 के एसओपी में एफडीआइ आवेदन के निपटान के लिए अधिकतम 10 सप्ताह का समय तय किया गया था।
नई एसओपी के मुताबिक, डीपीआइआइटी को उन प्रस्तावों पर विचार करने के लिए दो हफ्ते का अतिरिक्त समय भी दिया जाएगा, जिन्हें खारिज करने का प्रस्ताव है या जिन पर सक्षम अधिकारी द्वारा अतिरिक्त शर्तें लगाने का प्रस्ताव है। डीपीआइआइटी ने कहा कि इस एसओपी का उद्देश्य एफडीआइ आवेदन जमा करने की प्रक्रिया को पूरी तरह से पेपरलेस बनाना है। इसलिए, आवेदक को प्रस्तावों प्रस्तावों को प्रोसेस करने के लिए जरूरी किसी भी दस्तावेज की फिजिकल कापी जमा करने की जरूरत नहीं होगी। डीपीआइआइटी वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय का एक हिस्सा है जो एफडीआइ से जुड़े मामलों को देखता है।
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नई एसओपी के मुताबिक, सभी आवेदनों को विदेश मंत्रालय को उसकी टिप्पणियों और मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। एसओपी में कहा गया है कि किसी भी प्रस्ताव पर जिन सभी मंत्रालयों और विभागों से सलाह ली जाती है उनमें आरबीआइ, गृह और विदेश मंत्रालय शामिल हैं। इन सभी को तय समयसीमा के भीतर अपनी टिप्पणियां देनी होंगी। तय समय में टिप्पणी नहीं मिलती है तो मान लिया जाएगा कि उनके पास देने के लिए कोई टिप्पणी नहीं है।
इसके अलावा सरकार ने रेयर अर्थ-मैग्नेट और प्रिंटेड सर्किट जैसे 40 ऐसे क्षेत्रों की पहचान की है जिनके लिए जमीन साझा करने वाले देशों से आने वाले एफडीआइ प्रस्तावों को 60 दिन में मंजूरी दी जाएगी। भारत से जमीन साझा करने वाले देशों में चीन, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, म्यांमार और अफगानिस्तान शामिल हैं। हालांकि, ऐसे मामलों में निवेश प्राप्त करने वाली संस्था की अधिकांश हिस्सेदारी और नियंत्रण हर समय भारत के निवासी नागरिक या संस्था के पास हो।
