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Free Trade Agreements और AI भारत के नए ग्रोथ इंजन, 2035 तक जीडीपी में जोड़ेंगे 170 अरब डॉलर! क्या है रोजगार का हाल?

By BUSINESS DeskEdited By: Nayan Tiwari
Published: Mon, 12 Oct 2026 08:43 PM (GMT+05:30)

बदलते वैश्विक माहौल में भारत के लिए विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं, जिसमें मुक्त व्यापार समझौते और आर्टिफिशियल ...और पढ़ें

एआई से मिल रही इकॉनमी को रफ्तार (AI Image)

एआई से मिल रही इकॉनमी को रफ्तार (AI Image)

HighLights

  1. FTA और AI भारत के नए आर्थिक इंजन।

  2. 2035 तक GDP में $170 अरब की वृद्धि संभव।

  3. रोजगार और बुनियादी ढांचे की चुनौतियां बरकरार।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| दुनिया में कैपिटल इन्वेस्टमेंट की दिशा बदल रही है, व्यापार जियो पॉलिटिक्स खेमों में बंट रहा है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योगों की तस्वीर बदल रही है। इस बदलते ग्लोबल माहौल में भारत के सामने विकास की नई संभावनाएं खुल रही हैं। IANS की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक, घरेलू बाधाओं को दूर करने और वैश्विक अवसरों का लाभ उठाने की क्षमता भारत को बहुध्रुवीय दुनिया (Multipolar world) में एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में उभार सकती है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारत का बढ़ता मुक्त व्यापार समझौता नेटवर्क 2035 तक देश की GDP में 140 से 170 अरब डालर जोड़ सकता है। कारखानों की लागत घटाने और कृषि क्षेत्र के श्रमिकों को दूसरे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने वाले घरेलू सुधार इस लाभ को और बढ़ा सकते हैं। एआइ का तेजी से विस्तार और शहरीकरण भी आर्थिक वृद्धि के नए रास्ते खोल रहे हैं। ब्लूमबर्ग के मुख्य अर्थशास्त्री टाम ओरलिक के मुताबिक, इन बदलावों के बीच भारत विकास की बाधाओं को दूर कर वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका मजबूत कर सकता है।

कैपिटल के लिए बढ़ेगा कॉम्पटीशन

ग्लोबल इन्वेस्टमेंट अब केवल आर्थिक लाभ के आधार पर नहीं, बल्कि देशों के राजनीतिक और रणनीतिक रिश्तों को ध्यान में रखकर भी हो रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, प्रतिद्वंद्वी देशों के बीच कैपिटल फ्लो, सहयोगी देशों के बीच होने वाले फ्लो की तुलना में 40 प्रतिशत कम रहने का अनुमान है। वहीं, इन्वेस्टमेंट का बड़ा हिस्सा AI और सेमीकंडक्टर जैसे सेक्टर्स की ओर शिफ्ट हो रहा है। ऐसे में भारत को वैश्विक पूंजी आकर्षित करने के लिए अमेरिका की तकनीकी मांग और ड्यूटी संबंधी प्रोत्साहनों से भी प्रतिस्पर्धा करनी होगी।

AI से अवसर, रोजगार पर दबाव

रिपोर्ट का अनुमान है कि AI भारत की सालाना GDP वृद्धि में 0.9% तक का इजाफा कर सकता है। इससे 2047 तक विकसित अर्थव्यवस्था बनने के लक्ष्य को गति मिल सकती है। हालांकि, कमजोर बुनियादी ढांचा इन संभावनाओं पर अंकुश लगा सकता है। भारत का IT सर्विस सेक्टर भी इसी दोहरी चुनौती से गुजर रहा है। AI भारतीय कंपनियों को अधिक मूल्य वाले कामों की ओर बढ़ने का अवसर दे सकता है, लेकिन ऑटोमेशन से श्रम लागत के मामले में देश को मिलने वाला प्रतिस्पर्धी लाभ घटने का खतरा भी है।

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शहरों की योजना से बढ़ सकती उत्पादकता

रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की शहरी आबादी 82 करोड़ है। बेहतर नगर प्रशासन, मजबूत बुनियादी ढांचे और जमीन के नियोजित इस्तेमाल से शहरों की बढ़ती आबादी को आर्थिक उत्पादकता बढ़ाने की ताकत में बदला जा सकता है। भारत के लिए चुनौती अब केवल तेज विकास की नहीं, बल्कि व्यापार, टेक्नोलॉजी, इन्वेस्टमेंट और अर्बनाइजेशन से मिलने वाले अवसरों को रोजगार और व्यापक आर्थिक लाभ में बदलने की भी है।