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भारत के कोर सेक्टर का प्रोडक्शन अगस्त में 4.8% गिरा; कोयला, गैस-कच्चा तेल और उर्वरकों के उत्पादन की कमी का दिखा असर

Published: Mon, 21 Sep 2026 05:47 PM (IST)Updated: Mon, 21 Sep 2026 05:51 PM (IST)

अगस्त में भारत के कोर सेक्टर का उत्पादन घटकर 4.8% रह गया, जो जुलाई के 5.0% से कम है। कोयला, ...और पढ़ें

भारत के कोर सेक्टर उत्पादन में गिरावट: कोयला, गैस और उर्वरक बने मुख्य वजह

भारत के कोर सेक्टर उत्पादन में गिरावट: कोयला, गैस और उर्वरक बने मुख्य वजह

HighLights

  1. अगस्त में कोर सेक्टर का उत्पादन 4.8% पर पहुंचा।

  2. कोयला, गैस, कच्चा तेल, उर्वरक उत्पादन में कमी आई।

  3. सीमेंट, बिजली, लौह अयस्क में सकारात्मक वृद्धि दर्ज।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। अगस्त में कोयला, गैस, कच्चा तेल और फर्टिलाइज़र के उत्पादन में कमी के कारण भारत के कोर सेक्टर का आउटपुट घटकर 4.8% रह गया। सरकार द्वारा सोमवार को जारी शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, भारत के कोर सेक्टर के आउटपुट में सालाना बढ़ोतरी जुलाई के 5.0% से घटकर अगस्त में 4.8% रह गई।

शुरुआती अनुमान के आधार पर, आठ कोर इंडस्ट्रीज़ ने जुलाई में 5.4% की बढ़ोतरी दर्ज की थी। सरकार ने बताया कि जुलाई के फाइनल इंडेक्स में बढ़ोतरी की दर को घटाकर 5.0% कर दिया गया।

आठ में से पांच कोर इंडस्ट्रीज़ ने अगस्त में सालाना आधार पर पॉजिटिव बढ़ोतरी दर्ज की। सीमेंट का आउटपुट 12.5%, बिजली 11.6%, लौह अयस्क 5.5%, स्टील 3.4% और रिफाइनरी प्रोडक्ट्स 2.6% बढ़े।

इस महीने के दौरान कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चा तेल और फर्टिलाइज़र में नेगेटिव बढ़ोतरी दर्ज की गई। सरकार के अनुसार, हाल के महीनों में कोर इंडस्ट्रीज़ इंडेक्स (ICI) में कुल बढ़ोतरी के मुख्य कारक लौह अयस्क, बिजली और सीमेंट रहे हैं।

अप्रैल-अगस्त के दौरान कोर सेक्टर की कुल बढ़ोतरी शुरुआती आधार पर 4.3% रही, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 2.4% थी।

जुलाई के लिए फाइनल इंडेक्स को शुरुआती अनुमान 121.2 से बदलकर 120.8 कर दिया गया। नतीजतन, जुलाई के लिए सालाना बढ़ोतरी की दर को 5.4% से बदलकर 5.0% कर दिया गया।

आठ कोर इंडस्ट्रीज जिसमें कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी प्रोडक्ट्स, फर्टिलाइज़र, स्टील, सीमेंट और बिजली का इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) में शामिल चीजों के वेटेज में 40.27% हिस्सा है।

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