सितंबर में कोर सेक्टर की रफ्तार 7.9% रही, 30 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर, लोहे और बिजली ने दिया सहारा
सितंबर में भारत के कोर सेक्टर की वृद्धि दर 7.9% रही, जो पिछले 30 महीनों में सबसे अधिक है। लौह ...और पढ़ें

सितंबर में कोर सेक्टर की वृद्धि 7.9% रही।
HighLights
सितंबर में कोर सेक्टर की वृद्धि 7.9% रही।
यह पिछले 30 महीनों का सबसे ऊंचा स्तर है।
लौह अयस्क, कोयला, बिजली उत्पादन में तेजी।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। बुधवार को वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय (Ministry of Commerce & Industry) ने देश के प्रमुख 8 सेक्टर जिसे कोर सेक्टर कहा जाता है का डेटा जारी किया है। इस डेटा के अनुसार कोर सितंबर महीने में कोर सेक्टर की ग्रोथ में भारी उछाल देखा गया। रिपोर्ट के अनुसार सितंबर 2026 में भारत के कोर सेक्टर के आउटपुट में 7.9 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। यह पिछले 30 महीने में सबसे ज्यादा है। अगस्त महीने में यह 5.9 फीसदी था। वहीं, पिछले साल सितंबर में प्रमुख सेक्टरों का उत्पादन 3.1 फीसदी था।
सितंबर महीने में कोर सेक्टर में आए इस उछाल के पीछे की मुख्य वजह, लौह अयस्क, कोयला उत्पादन में आई जोरदार तेजी और बिजली उत्पादन तथा रिफाइनरी उत्पादों में दो अंकों (डबल-डिजिट) की वृद्धि का बड़ा योगदान रहा। इसके अलावा, रिफाइनरी उत्पादों, सीमेंट और स्टील के उत्पादन में भी तेजी दिखी। वहीं, उर्वरक, प्राकृतिक गैस और कच्चे तेल में नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
लौह अयस्क के उत्पादन में रिकॉर्ड तेजी
सितंबर में लौह अयस्क (iron ore) के उत्पादन में साल-दर-साल आधार पर 18.4 प्रतिशत की सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद बिजली के उत्पादन में 11.4 प्रतिशत और कोयले के उत्पादन में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
| सेक्टर | अगस्त 2026 | सितंबर 2026 |
| ओवर ऑल इंडेक्स | 5.90% | 7.90% |
| लौह अयस्क | 5.50% | 18.40% |
| बिजली | 13.10% | 11.40% |
| कोयला | -3.80% | 10.70% |
| रिफाइनरी उत्पाद | 5.60% | 10.30% |
| सीमेंट | 11.70% | 9.80% |
| स्टील | 3.50% | 4.90% |
| कच्चा तेल | -3.60% | -1.40% |
| प्राकृतिक गैस | -4.90% | -4.60% |
| उर्वरक | -12.40% | -11.70% |
इस महीने के दौरान रिफाइनरी उत्पादों में 10.3 प्रतिशत, सीमेंट के उत्पादन में 9.8 प्रतिशत और स्टील के उत्पादन में 4.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके विपरीत, सितंबर में उर्वरक (fertilizer) के उत्पादन में 11.7 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि प्राकृतिक गैस के उत्पादन में 4.6 प्रतिशत और कच्चे तेल (crude oil) के उत्पादन में 1.4 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
आठ मुख्य उद्योगों कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली का भारत के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27% वेटेज है। इस वजह से, इनका प्रदर्शन पूरी औद्योगिक अर्थव्यवस्था की गतिविधियों का एक महत्वपूर्ण संकेतक बन जाता है।
