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100वें नंबर का सबसे अमीर भारतीय, दान देने में छठवें पायदान पर नाम; हर देशवासी को दिलाई डिजिटल पहचान

Published: Tue, 19 May 2026 04:43 PM (IST)

नंदन नीलेकणि, इंफोसिस के सह-संस्थापक और आधार कार्ड के जनक कहे जाते हैं। वे भारत के 100वें सबसे अमीर व्यक्ति हैं।

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HighLights

  1. नंदन नीलेकणि भारत के 100वें सबसे अमीर व्यक्ति।

  2. नारायण मूर्ति के साथ मिलकर इंफोसिस की शुरुआत की।

  3. IIT बॉम्बे को 38 मिलियन डॉलर का बड़ा दान दिया।

नई दिल्ली। भारत के टॉप 10 अरबपति बिजनेसमैन (Indias 100 Richest) के बारे में ज्यादातर लोग जानते हैं, लेकिन क्या आप देश के 100वें नंबर के अमीर भारतीय कारोबारी से वाकिफ हैं, जो काम के साथ-साथ दान देने के मामले में भी काफी आगे हैं। दान के प्रति इनकी इच्छा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि इन्होंने अपने कॉलेज को 38 मिलियन डॉलर का दान दिया था। दरअसल, हम बात कर रहे हैं भारत के मशहूर टेक कारोबारी नंदन नीलेकणि (Nandan Nilekani) की, जो इंफोसिस के को-फाउंडर रह चुके हैं।

नंदन नीलेकणि ही वह शख्स हैं जिन्होंने देश के हर नागरिकों को उसकी पहचान संख्या यानी आधार कार्ड की सौगात दी। फोर्ब्स की टॉप 100 रिचेस्ट की लिस्ट में नंदन नीलकेणी का नंबर 100वें स्थान पर आता है।

कौन हैं नंदन नीलेकणि?

नंदन नीलेकणि, भारत के एक अहम अरबपति उद्यमी और टेक एक्सपर्ट हैं। भारत की आईटी इंडस्ट्री में नंदन नीलकेणी सबसे प्रभावशाली चेहरों में से एक हैं। मूलरूप से बेंगलुरु से ताल्लुक रखने वाले नंदन नीलेकणि ने आईआईटी, बॉम्बे से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन किया। इसके बाद, नंदन नीलेकणि ने 1978 में मुंबई में पटनी कंप्यूटर सिस्टम्स में पहली जॉब से अपना कॉर्पोरेट करियर शुरू किया। खास बात है इस नौकरी के लिए नारायण मूर्ति ने उनका इंटरव्यू लिया था।

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महज 3 साल बाद 1981 में नंदन नीलेकणि ने नारायण मूर्ति के साथ मिलकर इंफोसिस की शुरुआत की, जो देश की दिग्गज आईटी कंपनी है। वे मार्च 2002 से अप्रैल 2007 तक कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे। एक और दिलचस्प बात है कि उन्होंने टाटा समूह के पूर्व अध्यक्ष रतन टाटा के साथ मिलकर गरीबों को माइक्रो लोन उपलब्ध कराने के लिए अवंती फाइनेंस की शुरुआत की।

दान देने में बहुत आगे

नंदन नीलेकणि और उनकी पत्नी रोहिणी ने 'गिविंग प्लेज' पर हस्ताक्षर किए हैं। वे अलग-अलग परोपकारी संस्थाएं चलाते हैं। 2023 में नंदन नीलकेणी ने अपने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, बॉम्बे को रिसर्च और इंफ्रा को बेहतर करने के लिए 38 मिलियन डॉलर का दान दिया था। फोर्ब्स के अनुसार, उनकी रियल टाइम नेटवर्थ 2.6 बिलियन डॉलर यानी 25000 हजार करोड़ से ज्यादा है।