नई दिल्ली, बिजनेस डेस्क। चीन से फैले कोरोना वायरस के वैश्विक असर से घरेलू शेयर बाजारों में अभी और गिरावट हो सकती है। दूसरी तरफ इस प्रकार के अनिश्चित कारोबारी माहौल में सोने में मजबूती की संभावना भी जताई जा रही है। गुरुवार को सेंसेक्स गिरावट के साथ 39,745 अंक पर बंद हुआ तो सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 43,513 रुपये बताई गई। पिछले माह सेंसेक्स 42,000 अंक के स्तर को पार कर गया था। वहीं पिछले 20 दिनों में सोने के भाव में प्रति 10 ग्राम 2,400 रुपये से अधिक की बढ़ोतरी रही।

पांच फरवरी को सोने की कीमत प्रति 10 ग्राम 41,300 रुपये थी। महिंद्रा म्यूचुअल फंड के एमडी एवं सीईओ आशुतोष विश्नोई ने बताया कि शुरू-शुरू में कोरोना वायरस पर बाजार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, क्योंकि तब लोगों ने सोचा था कि अतीत में फैले कई वायरस की तरह यह भी जल्द समाप्त हो जाएगा। लेकिन चीन से निकलकर एशिया के अन्य देश एवं यूरोप पहुंचने की वजह से दुनिया के सभी प्रमुख बाजार में गिरावट होने लगी।

विश्नोई ने बताया कि कोरोना की वजह से मैन्यूफैक्चरिंग करने वाली कंपनी का उत्पादन आठ प्रतिशत तक प्रभावित हो सकता है। यही वजह है कि कंज्यूमर ड्यूरेबल, टेक्सटाइल, सोलर और अन्य कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों के शेयर में गिरावट है। वैश्विक स्तर पर कोरोना के असर से निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। इस कारण इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की तरफ से 6,800 करोड़ रुपये से अधिक की बिकवाली रही।

इस मामले में टैक्स4वेल्थ के बाजार विश्लेषक एवं सीए राकेश सिंघल कहते हैं कि अगले सप्ताह एसबीआइ कार्ड का आइपीओ आ रहा है जिसकी बंपर खरीदारी के लिए भी निवेशक बिकवाली कर रहे हैं। विश्नोई का कहना है कि सेंसेक्स में अभी थोड़ी और गिरावट हो सकती है।

सोना एक इंश्योरेंस पॉलिसी की तरह

जब भी दुनिया में कोरोना जैसी समस्या आती है तो सोने में तेजी आती है। अमूमन सोना लांग टर्म में 10 फीसद तक का रिटर्न देता है, लेकिन पिछले चार साल में सोने ने 40 फीसद का रिटर्न दिया है। आने वाले समय में सोने में तेजी रह सकती है।

ग्लोबल बाजार पर असर लाजिमी

औद्योगिक संगठन सीआइआइ की रिपोर्ट के मुताबकि चीन में फैले कोरोना का असर विश्व बाजार पर पड़ना लाजिमी है क्योंकि चीन दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश है और आयात के मामले में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा देश है। सीआईआई की रिपोर्ट के मुताबिक विश्व के निर्यात एवं आयात में चीन की हिस्सेदारी क्रमश: 13 एवं 11 फीसद है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन 100 से अधिक देशों को विभिन्न वस्तुओं की सप्लाई करता है। चीन विश्व का सबसे बड़ा मैन्यूफैक्चरिंग देश है और एक माह भी लगातार उत्पादन बंद रहने से उसमें आठ फीसद तक की गिरावट आ सकती है।

Posted By: Pawan Jayaswal

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस