ट्रंप की नीतियों से त्रस्त कनाडा ने भारत का किया रुख, अमेरिका को बाइपास कर दोनों देश करेंगे 70 अरब डॉलर का बिजनेस! मास्टर प्लान तैयार
अमेरिकी व्यापार नीतियों से प्रभावित कनाडा भारत के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) इस साल के अंत तक पूरा करना चाहता है।

कनाडा ने भारत करेंगे 70 अरब डॉलर का बिजनेस
HighLights
कनाडा भारत संग CEPA इस साल पूरा करना चाहता है।
द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक 70 अरब डॉलर पहुंच सकता है।
कनाडा अमेरिका पर निर्भरता कम कर व्यापार बढ़ा रहा है।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यापार नीतियों के चलते अमेरिका और कनाडा के बीच व्यापारिक रिश्ते कमजोर हुए हैं, जिसके बाद वे भारत और यूरोपीय बाजारों तक अपनी पहुंच बढ़ाना चाहते हैं। जिसके तहत भारत और कनाडा के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में बातचीत तेज हो गई है। कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने कहा है कि उनका देश भारत के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) को इस साल के अंत तक पूरा करना चाहता है। दोनों देशों के बीच समझौता होने से गुड्स और सर्विसेस का द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक बढ़कर सालाना 70 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। साल 2025 में यह कारोबार 30.4 अरब डॉलर था।
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को दिए इंटरव्यू में आनंद ने कहा कि भारत के साथ व्यापार समझौता कनाडा की व्यापार डाईवर्सिफिकेशन रणनीति का अहम हिस्सा है। कनाडा अमेरिका पर अपनी व्यापारिक निर्भरता कम करने के लिए भारत, यूरोपीय संघ, चीन और दूसरे देशों के साथ संबंध मजबूत कर रहा है।
भारत और कनाडा के बीच बातचीत में तेजी
अनीता आनंद के मुताबिक, भारत के साथ समझौते पर बातचीत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है। पिछले सप्ताह भारतीय व्यापार वार्ताकार कनाडा गए थे, जबकि कनाडा के व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू कारोबारी प्रतिनिधिमंडल के साथ भारत में हैं। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस समझौते पर चर्चा कर चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी दिसंबर में कनाडा का दौरा भी कर सकते हैं।
2025 में भारत का निर्यात बढ़ा, कनाडा का घटा
वर्ष 2025 में भारत और कनाडा के बीच वस्तुओं का व्यापार 10.9 अरब डॉलर रहा। इस दौरान कनाडा का भारत को निर्यात 2024 के मुकाबले 26.5% घटा, जबकि भारत से कनाडा का आयात 18.9% बढ़ा। प्रस्तावित समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक अवसर बढ़ाना और बाजार तक पहुंच को बेहतर बनाना है। हालांकि, इसका वास्तविक असर समझौते की अंतिम शर्तों पर निर्भर करेगा।
यूरेनियम और बैंकिंग क्षेत्र में सहयोग
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग के कुछ बड़े उदाहरण भी सामने आए हैं। कनाडाई कंपनी Cameco और भारत के बीच इस साल 2.6 अरब कनाडाई डॉलर यानी करीब 1.8 अरब अमेरिकी डॉलर का यूरेनियम सप्लाई समझौता हुआ है।
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इसके अलावा, कनाडा की Fairfax Financial Holdings ने भारत के IDBI Bank में बहुमत हिस्सेदारी खरीदने पर सहमति जताई है। यह भारत के सबसे बड़े सीमा-पार बैंकिंग सौदों में से एक होगा। सौदे का पूरा होना संबंधित नियामकीय और अन्य मंजूरियों पर निर्भर करेगा।
कनाडा दूसरे देशों के साथ भी बढ़ा रहा व्यापार
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के मुताबिक कनाडा अगले 10 सालों में अमेरिका के अलावा अन्य देशों के साथ अपने व्यापार को दोगुना करना चाहता है। देश ने अब तक 51 देशों को कवर करने वाले 15 व्यापार समझौते किए हैं। कनाडा इंडोनेशिया के साथ मुक्त व्यापार समझौता कर चुका है और 2026 में दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन ASEAN के साथ भी समझौता करने की दिशा में काम कर रहा है।
