सर्च करे
Home
फोकस
विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

दीवाली से पहले 107 मिलों में चीनी की क्रशिंग शुरू! नए सीजन में कैसी रहेगी सप्लाई और कीमत?

Published: Wed, 28 Oct 2026 04:36 PM (IST)

देश में नया चीनी मार्केटिंग सीजन 2026-27 शुरू हो गया है, जिसमें अब तक 107 मिलों ने गन्ने की पेराई ...और पढ़ें

चीनी के नए सीजन में गन्ने की क्रशिंग शुरू

चीनी के नए सीजन में गन्ने की क्रशिंग शुरू

HighLights

  1. देश में 107 चीनी मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू की।

  2. त्योहारों के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध, कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद।

  3. महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में चीनी उत्पादन में तेजी।

बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली| देश में चीनी का नया मार्केटिंग सीजन 2026-27 शुरू हो गया है। इस साल समय से पहले मिलें शुरू करने के निर्देश के बाद कई राज्यों में समस्याएं देखने को मिली थीं, हालांकि अब काम शुरू हो चुका है। अब तक 107 चीनी मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू कर दी है। उद्योग संगठन इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के मुताबिक, देश में त्योहारों के दौरान मांग पूरी करने के लिए पर्याप्त चीनी उपलब्ध है। संगठन ने कहा कि चीनी की कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद है।

देश में सालाना 280-285 लाख टन चीनी की घरेलू मांग का अनुमान है। हालांकि, अक्टूबर 2026 से सितंबर 2027 तक चलने वाले नए सीजन के लिए चीनी उत्पादन का अनुमान ISMA ने अभी जारी नहीं किया है।

महाराष्ट्र में 87 मिलों में पेराई शुरू

ISMA के मुताबिक, देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और गुजरात में नया सीजन समय पर शुरू हुआ है। महाराष्ट्र में करीब 87 मिलों ने गन्ने की पेराई शुरू कर दी है। आने वाले हफ्तों में गन्ने की कटाई बढ़ने के साथ और मिलों के चालू होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश में भी गन्ने की पेराई शुरू हो गई है और अब तक दो मिलें चालू हो चुकी हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले 3 से 4 दिनों में पेराई शुरू होने की उम्मीद है। इसके बाद मध्य उत्तर प्रदेश और फिर गन्ने की फसल तैयार होने के साथ पूर्वी उत्तर प्रदेश में पेराई शुरू होगी।

पिछले सीजन में 36 लाख टन चीनी का स्टॉक बचा

ISMA के मुताबिक, पिछले चीनी मार्केटिंग सीजन 2025-26 के अंत में करीब 36 लाख टन चीनी का शुरुआती स्टॉक बचा था। वहीं, 25 अक्टूबर 2026 तक देश में चीनी का उत्पादन करीब 4 लाख टन रहा, जबकि पिछले साल इसी तारीख तक लगभग 60 हजार टन चीनी का उत्पादन हुआ था। संगठन ने कहा कि पुराने स्टॉक के साथ नए सीजन में उत्पादन शुरू होने से घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

ये भी पढ़ें: भारत ने जमकर खरीदी अरहर! दीवाली से पहले ₹300 तक घटे दाम, सूखे की चिंता के बीच आगे कैसी रहेगी सप्लाई?

सरकार ने कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की समयसीमा बढ़ाई है और चीनी के स्टॉक पर सीमा लागू करने के उपाय किए हैं। पुराने स्टॉक और नए सीजन के उत्पादन के साथ इन कदमों से त्योहारों के दौरान घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कीमतें स्थिर रहने की उम्मीद

ISMA के महानिदेशक, श्री दीपक बल्लानी ने कहा: “2026-27 का चीनी सीजन तय समय पर शुरू हो गया है, और देश भर में लगभग 107 मिलों में गन्ने की पेराई का काम शुरू हो चुका है। भारत के पास घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त से भी अधिक चीनी मौजूद है, इसलिए इसकी उपलब्धता को लेकर चिंता करने की कोई बात नहीं है। यह उद्योग उपभोक्ताओं को चीनी की लगातार आपूर्ति सुनिश्चित करने और किसानों को गन्ने का भुगतान समय पर करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

त्योहारों के मौसम में घरेलू स्तर पर चीनी की मांग आसानी से पूरी हो जाएगी और कीमतों के भी स्थिर रहने की उम्मीद है। जैसे-जैसे और मिलें काम करना शुरू करेंगी, चीनी की उपलब्धता और बेहतर होगी, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के चीनी मिलती रहेगी। जो कि इस उद्योग की प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है।