बेंगलुरु, रायटर्स। भारत में तेजी से पैर पसार रहे सर्विस सेक्टर ने ऊंची छलांग लगाते हुए पिछले 11 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। जून महीने में मांग के मजबूत होने के सकारात्मक संकेतों को देखते हुए इस बढ़ोतरी को अहम माना जा रहा है। हालांकि बढ़ती महंगाई की चिंताएं अब भी बरकरार हैं।

क्या है सर्विस ग्रोथ का आंकड़ा

एसएंडपी ग्लोबल इंडिया सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स (S&P Global India Services Purchasing Managers) इंडेक्स जून में बढ़कर 59.2 हो गया, जो मई में 58.9 था। यह इसका उच्चतम स्तर है, जो अप्रैल 2011 के बाद सबसे अधिक है। बता दें कि सर्विस ग्रोथ का आंकड़ा लगातार 50 से ऊपर बना हुआ है। रॉयटर्स के एक पोल में इसमें 58.7 तक गिरावट की भविष्यवाणी की गई थी। मांग में तेज उछाल, बिक्री में होने वाली बढ़ोतरी और अनुकूल आर्थिक स्थितियों ने नए ऑर्डर के सब-इंडेक्स को ऊपर बनाए रखा।

क्या रहे अहम कारण

S&P ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस की निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा कि वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में सेवाओं की मांग में सुधार होने से अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली। इससे आने वाले समय में भी सर्विस सेक्टर के मजबूत रहने की उम्मीद है।" बता दें कि भारत की जीडीपी में सर्विस सेक्टर का योगदान 50 फीसद से ज्यादा है। भारत में जितना प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आता है, उसमें सबसे ज्यादा सर्विस सेक्टर को मिलता है।

बढ़ती महंगाई की चिंता

महंगाई एक गंभीर समस्या है और इसके कारण कंपनियों का इनपुट कॉस्ट बढ़ गया है। जून में तीन महीने के निचले स्तर पर आने के बावजूद इनपुट लागत अब भी बहुत अधिक है। इस दौरान मुद्रास्फीति की दर भी ऊंची बनी रही। रसायन, भोजन और पेट्रोलियम की ऊंची लागत के चलते बहुत सी फर्मों अपने सामनों के दाम बढ़ाए। एसएंडपी ग्लोबल ने कहा कि परिवहन, सूचना और संचार उद्योग में मूल्य वृद्धि का असर सबसे अधिक दिखाई दिया।

Edited By: Siddharth Priyadarshi