नई दिल्ली (बिजनेस डेस्क)। सरकार ने बिजली घरों को उत्सर्जन घटाने वाले उपकरण लगाने और इलेक्टिक वाहनों (ईवी) के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास करने को बढ़ावा देने के लिए 885 अरब रुपये (12.4 अरब डॉलर) का प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव रखा।

शुक्रवार को जारी एक सरकारी बयान में कहा गया है कि 2025 तक पांच साल की अवधि में इसमें से अधिकांश 835 अरब रुपये की राशि का उपयोग बिजली संयंत्रों से सल्फर उत्सर्जन घटाने के लिए होगा, जबकि शेष राशि का उपयोग 70 शहरों में ईवी इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए समर्पित होगा। वित्त आयोग को पेश किए गए बिजली मंत्रलय के इस प्रस्ताव से पहले भी एक अन्य प्रस्ताव पेश किया गया है, जिसमें उत्सर्जन घटाने वाले उपकरणों को लगाने पर होने वाले खर्च को उपभोक्ताओं के कंधे पर डालने का प्रावधान किया गया है।

रिलायंस पावर और अडानी पावर जैसी निजी कंपनियों और सरकारी कंपनी एनटीपीसी का प्रतिनिधि उद्योग संगठन एसोसिएशन ऑफ पावर प्रोड्यूशर्स पिछले दो साल से प्रोत्साहन की मांग करता रहा है। 

Posted By: Nitesh

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