US Trade डील की अटकलों के बीच भारत की मेक्सिको से बड़ी डील! इन 5 जरूरी सेक्टर में होगा जमकर बिजनेस
भारत और मेक्सिको ने तरजीही व्यापार समझौते (PTA) पर बातचीत के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिससे द्विपक्षीय व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

भारत और मेक्सिको के बीच बड़ी डील होने की तैयारी (PHOTO: PIB)
HighLights
भारत-मेक्सिको ने तरजीही व्यापार समझौते पर बातचीत शुरू की।
कृषि, ऑटो, फार्मा जैसे क्षेत्रों में व्यापार बढ़ेगा।
2027 में मेक्सिको का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भारत आएगा।
बिजनेस डेस्क, नई दिल्ली। भारत और मेक्सिको ने आपसी व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम उठाया है। दोनों देशों ने तरजीही व्यापार समझौते (PTA) पर बातचीत के लिए संदर्भ शर्तों (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) पर हस्ताक्षर किए हैं। इससे दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते पर औपचारिक बातचीत शुरू हो गई है। इसका उद्देश्य द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाना, कारोबार के नए अवसर पैदा करना और निवेश को बढ़ावा देना है।
इस प्रस्तावित समझौते से एग्री और फूड प्रोडक्ट्स, ऑटोमोबाइल, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, दवा और मेडिकल उपकरण जैसे सेक्टर में कारोबार की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। दोनों देश ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत और विविध (various) बनाने की दिशा में भी सहयोग करना चाहते हैं।
किन मुद्दों पर होगी बातचीत?
PIB के मुताबिक दोनों देशों के बीच प्रस्तावित समझौते के तहत वस्तुओं के बाजार तक पहुंच, उत्पादों के मूल स्थान के नियम, सीमा शुल्क प्रक्रिया और व्यापार को आसान बनाने जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी। इसके अलावा व्यापार विवादों का समाधान, खाद्य एवं कृषि उत्पादों से जुड़े हेल्थ और हाइजीनिक स्टैंडर्ड, टेक्निकल बाधाएं और व्यापार से जुड़े सुरक्षा उपाय भी बातचीत के दायरे में होंगे।
इन मुद्दों पर सहमति बनने से दोनों देशों के कारोबारियों को दूसरे देश के बाजार में प्रवेश करने और व्यापार बढ़ाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, ड्यूटी में कितनी कटौती होगी और किन उत्पादों को इसका लाभ मिलेगा, यह बातचीत के नतीजों पर निर्भर करेगा।
कृषि और खाद्य कारोबार में भी अवसर
भारत और मेक्सिको के बीच कृषि एवं खाद्य उत्पादों के व्यापार को बढ़ाने की संभावनाएं हैं। प्रस्तावित समझौते के तहत कृषि उत्पादों के बाजार तक पहुंच और संबंधित मानकों पर चर्चा की जाएगी। इससे दोनों देशों के कृषि कारोबारियों और खाद्य प्रसंस्करण कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं।
इसके अलावा ऑटोमोबाइल, केमिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, मेडिकल उपकरण और आधुनिक मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में भी सहयोग की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।
2027 में भारत आ सकता है मेक्सिको का कारोबारी प्रतिनिधिमंडल
दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने 2027 की पहली तिमाही में मेक्सिको के कारोबारी डेलिगेशन की भारत यात्रा आयोजित करने की संभावना पर भी चर्चा की है। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के कारोबारियों के बीच बैठकें कराना, व्यावसायिक अवसरों की पहचान करना और व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना होगा। इससे भारतीय कंपनियों को मेक्सिको के कारोबारियों के साथ सीधे संपर्क बनाने करने और संभावित साझेदारी तलाशने का मौका मिल सकता है।
मोदी और क्लाउडिया शीनबाम की बैठक के बाद आगे बढ़ी पहल
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और मेक्सिको के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने की यह पहल जून 2025 में कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम की मुलाकात के बाद आगे बढ़ी। उस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-मेक्सिको साझेदारी को और मजबूत करने पर सहमति जताई थी।
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भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल की मेक्सिको यात्रा के दौरान दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडलों ने व्यापार और निवेश बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा की। मेक्सिको की ओर से विदेश व्यापार के अवर सचिव लुइस रोसेंदो गुतिएरेज रोमानो ने बातचीत में हिस्सा लिया।
